राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 के अंतर्गत अधिकार अभिलेख और वार्षिक रजिस्टर दोनों ही भूमि अभिलेख प्रणाली के महत्वपूर्ण अंग हैं, लेकिन दोनों में स्पष्ट अंतर है।
अधिकार अभिलेख (Record of Rights) — धारा 113-114
- यह स्थायी अभिलेख है।
- भू-अभिलेख अधिकारी द्वारा प्रत्येक गाँव के लिए तैयार किया जाता है।
- इसमें निम्नलिखित शामिल होते हैं:
- खेवट (Khewat)
- खतौनी (Khatauni)
- लगान-मुक्त रजिस्टर (Rent-Free Register)
- अन्य निर्धारित रजिस्टर
- यह भूमि के स्वामित्व, काश्तकारी अधिकारों और लगान का मूल रिकॉर्ड है।
वार्षिक रजिस्टर (Annual Register) — धारा 132
- यह अधिकार अभिलेख का अद्यतन रूप है।
- कलेक्टर या भू-अभिलेख अधिकारी द्वारा प्रतिवर्ष तैयार किया जाता है।
- इसमें वर्ष भर के सभी नामान्तरण (Mutations) को शामिल करके खतौनी/जमाबंदी को अद्यतन किया जाता है।
- इसे आम भाषा में जमाबंदी भी कहा जाता है।
| मुख्य अंतर | ||
| आधार | अधिकार अभिलेख | वार्षिक रजिस्टर (Annual Register) |
| प्रकृति | स्थायी मूल अभिलेख | वार्षिक अद्यतन अभिलेख |
| धाराएँ | धारा 113-114 | धारा 132 |
| उद्देश्य | मूल अधिकारों का रिकॉर्ड | वर्ष भर के परिवर्तनों को शामिल करना |
| समय | एक बार तैयार किया जाता है | हर वर्ष तैयार किया जाता है |
| विषय-वस्तु | खेवट, खतौनी, लगान-मुक्त रजिस्टर | अद्यतन खतौनी (Mutations सहित) |
क्या वार्षिक रजिस्टर अधिक व्यापक है?
हाँ, वार्षिक रजिस्टर अधिक व्यापक माना जा सकता है क्योंकि:
- यह अधिकार अभिलेख का सजीव और अद्यतन रूप है।
- इसमें वर्ष भर के सभी कानूनी परिवर्तनों (नामान्तरण) को शामिल किया जाता है।
- व्यावहारिक रूप से किसानों, अधिकारियों और अदालतों द्वारा जमाबंदी के रूप में यही प्रयोग में लाया जाता है।
राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 के अंतर्गत बंदोबस्त एवं लगान निर्धारण (धारा 142-183) के दौरान कुछ श्रेणियों की भूमियों को भू-राजस्व निर्धारण (Assessment) से बाहर रखा जाता है। इन भूमियों पर लगान नहीं लगाया जाता है।
प्रमुख श्रेणियाँ:
- चारागाह भूमि (Pasture Land)
- पशुओं के चरने के लिए आरक्षित भूमि। इन पर लगान निर्धारण नहीं होता।
- लगान-मुक्त भूमि (Rent-Free Land)
- धारा 114 के अंतर्गत लगान-मुक्त रजिस्टर में दर्ज भूमि (जैसे माफी भूमि, देवस्थान, ओरण आदि)।
- नजूल भूमि (Nazul Land) — धारा 3(ib)
- नगरपालिका या पंचायत क्षेत्र की आबादी भूमि जो राज्य सरकार में निहित है। इन पर सामान्य भू-राजस्व निर्धारण नहीं होता।
- सार्वजनिक उपयोग की भूमियाँ जैसे सड़क, नहर, रेलवे की भूमि, सरकारी भवन, स्कूल, अस्पताल आदि की भूमि।
- वन भूमि, अभयारण्य एवं अन्य संरक्षित क्षेत्र
- वानिकी विकास या पर्यावरण संरक्षण के लिए आरक्षित भूमियाँ।
- अन्य महत्वपूर्ण श्रेणियाँ:
- अस्थिर/शिफ्टिंग खेती वाली भूमि।
- नदी/तालाब की तली में आकस्मिक खेती वाली भूमि।
- सरकारी उद्यान एवं बाग।
