भाषिणी (BHASHINI): भाषण अनुवाद के लिए भारत साझा सेवाएँ
- BHASHINI का मतलब है: भाषा इंटरफ़ेस फॉर इंडिया।
- Bhashini एक AI-संचालित भाषा अनुवाद मंच है, जो साक्षरता, भाषा और डिजिटल खाइयों को पाटता है।
- उद्देश्य:
- डिजिटल, साक्षरता और भाषा की खाइयों को पाटने के लिए नवाचारी, वॉयस-फर्स्ट मल्टी-लिंगुअल समाधानों का निर्माण करना।
- कई भारतीय भाषाओं में डिजिटल सेवाओं तक सहज संचार और पहुँच सुनिश्चित करना। (2 नंबर में यही तक करना है)
- लक्ष्य:
- डिजिटल समावेशन के लिए भारतीय भाषा प्रौद्योगिकियों को उन्नत करना।
- सतत भाषा प्रौद्योगिकी समाधान और AI मॉडल को बढ़ावा देना।
- स्वदेशी बौद्धिक संपत्ति (IP) निर्माण और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना।
- इंटरनेट पर भारतीय भाषा सामग्री बढ़ाना, विशेष रूप से शासन, नीति, और विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित करना।
- मुख्य विशेषताएँ:
- AI-आधारित स्पीच से टेक्स्ट और टेक्स्ट से स्पीच।
- MeitY के तहत राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन का हिस्सा।
- महत्व:
- डिजिटल समावेशन, नागरिकों को सशक्त बनाना।
- डिजिटल सरकार का समर्थन करता है और नागरिक भागीदारी को बढ़ाता है।
- समावेशी शासन का समर्थन करता है।
भारतजेन पहल
- यह एक सरकारी वित्त पोषित मल्टीमोडल ए.आई. पहल है, जो IIT बॉम्बे द्वारा DST के NM-ICPS (नेशनल मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स) के तहत नेतृत्व की जा रही है।
- लक्ष्य: भारतीय भाषाओं, भाषण, और कंप्यूटर विजन में जनरेटिव ए.आई. मॉडल विकसित करना, ताकि सार्वजनिक सेवा वितरण और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा मिल सके।
- यह भारत-केंद्रित डेटा का उपयोग करता है और ओपन-सोर्स है।
- समयसीमा: सितंबर 2024 में शुरू हुआ। दो वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है।
राजस्थान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास हेतु प्रमुख पहलें
- नीतिगत ढांचा
- बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) नीति (2021–26): नवाचार और पेटेंट फाइलिंग को बढ़ावा देती है।
- जैव प्रौद्योगिकी नीति (2015): स्वास्थ्य, कृषि और पर्यावरण पर केंद्रित।
- उद्यमिता विकास
- आई स्टार्ट (iStart) एवं स्टार्टअप नीति (2022): स्टार्टअप्स को फंडिंग और मेंटरशिप के माध्यम से समर्थन।
- कार्य योजना (KARYA Scheme) (2018): युवा विज्ञान प्रतिभाओं के लिए फैलोशिप।
- समुदाय सहभागिता
- बाल विज्ञान कांग्रेस एवं अकादमिक किशोरी मेला: वैज्ञानिक जिज्ञासा और लैंगिक समावेशन को बढ़ावा।
- विज्ञान केंद्र/उद्यान एवं प्रदर्शनियाँ: राष्ट्रीय आविष्कार योजना के तहत इंटरएक्टिव लर्निंग।
- अनुसंधान और विकास (R&D)
- राजस्थान सेंटर ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (RCAT) एवं पेटेंट सूचना केंद्र: अनुसंधान एवं विकास (R&D) और बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) जागरूकता को सुदृढ़ बनाना।
- एपीजे अब्दुल कलाम जैव प्रौद्योगिकी संस्थान: स्वास्थ्य और कृषि में अनुसंधान।
- शैक्षणिक पहलें
- विज्ञान क्लब एवं बूटकैंप: विद्यालयों में वैज्ञानिक अन्वेषण को प्रोत्साहित करना।
- राजीव गांधी सेंटर ऑफ एडवांस्ड लर्निंग: डिजिटल कौशल विकास।
- अवसरंचना विकास
- आईटी पार्क्स एवं तारामंडल (Planetariums): तकनीकी नवाचार और विज्ञान में जन रुचि को बढ़ावा देना।
ये पहलें सामूहिक रूप से राजस्थान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करती हैं और नवाचार एवं सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देती हैं।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग राज्य की सामाजिक आर्थिक स्थिति को बढ़ाने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक उपाय करता है।
- DST, राजस्थान द्वारा उठाए गए कदम:
- बौद्धिक संपदा अधिकारों पर राजस्थान राज्य नीति 2021-2026
- जैवप्रौद्योगिकी प्रभाग: राजस्थान जैवप्रौद्योगिकी नीति 2015
- उद्यमिता विकास प्रभाग
- पेटेंट सूचना केंद्र: बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) पर जागरूकता पैदा करने और क्षेत्र से पेटेंट भरने की सुविधा प्रदान करने के लिए
- अनुसंधान और विकास प्रभाग: अनुप्रयोग उन्मुख अनुसंधान को बढ़ावा देना
- महिलाओं के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
- स्कूलों और कॉलेजों में
- किशोरी शैक्षणिक मेला
- राष्ट्रीय आविष्कार योजना के अंतर्गत वैज्ञानिक प्रदर्शनी
- 5,000 सरकारी स्कूलों में विज्ञान क्लबों को 10,000 रुपये का समर्थन
- बूटकैंप और स्कूल स्टार्टअप कार्यक्रम
- डिजिटल युग कौशल:
- राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस लर्निंग, राजीव गांधी सेंटर ऑफ एडवांस्ड लर्निंग, राजीव गांधी फिनटेक डिजिटल इंस्टीट्यूट (जोधपुर), जयपुर में एपीजे अब्दुल कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी
- कोटा, जयपुर में आईटी पार्क
- SATCOM सुविधाओं का उपयोग करके STEMM विषयों के लिए मुफ्त कोचिंग भी
- नीतियां और योजनाएं
- राजस्थान स्टार्टअप नीति 2022
- iStart योजना
- KARYA योजना: विज्ञान विषयों के लिए फ़ेलोशिप प्रदान करने के लिए 2018 में शुरू की गई थी।
- युवाओं में वैज्ञानिक प्रवृत्ति को बढ़ावा देना
- डीएसटी, राजस्थान: विज्ञान संचार और लोकप्रियकरण प्रभाग →बाल विज्ञान कांग्रेस, विज्ञान केंद्र और जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में विज्ञान पार्क
- जोधपुर, कोटा और उदयपुर में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से ताराघर (प्लेनेटेरियम) का निर्माण किया जाएगा।
- उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षिक सुधार और अभिविन्यास के लिए राजस्थान स्टेट फेकल्टी डेवलपमेंट एकेडेमी (RSFDA) की स्थापना को मंजूरी दी गई → इस मंजूरी से कॉलेज जाने वाले छात्रों और ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण मिलेगा।
