यूनेस्को की भू-पार्क एवं भू-धरोहर स्थल की संकल्पना : राजस्थान में संभावनाएँ

  • यह एक स्थलीय उल्कापिंड इम्पैक्ट क्रेटर है।
  • स्थान: रामगढ़ गांव, मांगरोल तहसील, बारां जिला, राजस्थान
  • गठन: 3.5 किमी व्यास का एक गोलाकार अवसाद, लगभग 165 मिलियन वर्ष पहले उल्का प्रभाव के कारण बना था।
  • संघटन:
    • उल्कापिंड के प्रभाव से क्षेत्र की रेत पिघल गई, जिससे कांच बन गया।
    • क्रेटर के भीतर सामान्य से अधिक मात्रा में लोहा, निकल और कोबाल्ट पाया गया है।
  • मान्यता और विरासत की स्थिति:
    • विश्व भू-विरासत के 200वें क्रेटर के रूप में मान्यता प्राप्त।
    • राजस्थान सरकार द्वारा भारत का पहला राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल घोषित।
    • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत रामगढ़ संरक्षण रिजर्व के रूप में नामित।
  • सांस्कृतिक महत्व:
    • इसकी परिधि पर 10वीं शताब्दी का एक शिव मंदिर है जिसे ‘मिनी खजुराहो’ के नाम से जाना जाता है।
    • क्रेटर के भीतर स्थित पुष्कर तालाब परिसर खारे और क्षारीय पानी का स्रोत है।

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