राजस्थान की 16वीं विधानसभा का प्रोफाइल (2023) राजस्थान राजनीतिक व्यवस्था के अंतर्गत राज्य की लोकतांत्रिक संरचना का महत्वपूर्ण अंग है, जो जनता के प्रतिनिधित्व और शासन संचालन का आधार बनती है। 2023 में गठित 16वीं विधानसभा राज्य की राजनीतिक दिशा, दलगत संरचना तथा सामाजिक प्रतिनिधित्व को दर्शाती है। यह विधानसभा नीतिनिर्माण, विधायी कार्यों और जनहित के मुद्दों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
राजस्थान की 16वीं विधानसभा का प्रोफाइल (2023)
चुनाव परिणाम और सीटों की स्थिति:
- विधानसभा की कुल सीटें: 200
- करणपुर सीट पर चुनाव रद्द कर दिया गया, इसलिए केवल 199 सीटों पर परिणाम घोषित हुए।
- चुनाव परिणाम: 3 दिसंबर 2023 को घोषित हुए।
मुख्य राजनीतिक दलों का प्रदर्शन
| राजनीतिक दल | 2018 (सीटें) | 2023 (सीटें)(वर्तमान में) |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 73 | 118 |
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) | 100 | 67 |
| भारत आदिवासी पार्टी (BAP) | 02 | 04 |
| बहुजन समाज पार्टी (BSP) | 06 | 02 |
| राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) | 03 | 00 |
| राष्ट्रीय लोक दल (RLD) | 01 | 01 |
| माकपा (CPI-M) | 02 | 00 |
| निर्दलीय व अन्य | 13 | 08 |
| कुल सीटें | 200 | 200 |
विशेष:
- 2023 के चुनावों में एक सीट (करणपुर) पर चुनाव रद्द कर दिया गया था।
राजस्थान विधानसभा चुनाव: महिला विधायकों का प्रदर्शन (2018 vs 2023)
| विवरण / पार्टी | चुनाव 2018 (महिला विधायक) | चुनाव 2023 (महिला विधायक) | स्थिति (+/-) |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 10 | 09 | -01 |
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) | 12 | 09 | -03 |
| राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) | 01 | 00 | -01 |
| स्वतंत्र / निर्दलीय (Ind.) | 01 | 02 | +01 |
| कुल महिला विधायक (Total) | 24 | 20 | -04 |
मुख्य बिंदु:
- 2018 की तुलना में 2023 में महिला विधायकों की संख्या 24 से घटकर 20 रह गई थी।
- भाजपा और कांग्रेस दोनों ही मुख्य दलों से बराबर संख्या में (9-9) महिला उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी।
- 2023 में निर्दलीय महिला विधायकों की संख्या में सुधार हुआ है (1 से बढ़कर 2)।
- बयाना – रितु बनावत
- बाड़मेर – प्रियंका चौधरी
- नवम्बर 2024 में उपचुनाव परिणाम आने के बाद महिला विधायकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई हैं। सलूम्बर सीट पर भाजपा की महिला विधायक (शांता देवी मीना) चुने जाने से संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
- राजस्थान विधानसभा के इतिहास में महिला प्रतिनिधित्व अभी भी 15% के आंकड़े के नीचे बना हुआ है।
- वर्तमान में महिला विधायक:
- भाजपा – 10
- कांग्रेस – 9
- निर्दलीय – 2
मुख्य सचेतक
- मुख्य सचेतक एक राजनीतिक नेता होता है, जो व्हिपिंग प्रणाली को लागू करता है।
- सुनिश्चित करना कि राजनीतिक दल के विधायक पार्टी नेतृत्व के निर्देशों का पालन करें।
- सदन की महत्वपूर्ण बैठकों और मतदान के समय विधायकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना।
- विधायकों को निर्देश देना कि वे विधेयक या प्रस्ताव पर किस प्रकार मतदान करें, ताकि पार्टी की नीतियों के अनुसार कार्य हो।
मुख्य सचेतक
- प्रथम: श्री मथुरा दास माथुर (जुलाई 1953 से फरवरी 1957)।
- द्वितीय: श्री हरिदेव जोशी (सितंबर 1957 से फरवरी 1964)।
- अन्य प्रमुख नाम: राम प्रसाद लोढ़ा, गिरधारी लाल व्यास, खेत सिंह राठौड़, बुलाकी दास कल्ला, रघु शर्मा, कालू लाल गुर्जर, डॉ. महेश जोशी।
- वर्तमान (16वीं विधानसभा): श्री जोगेश्वर गर्ग।
उप मुख्य सचेतक:
- प्रथम: श्री अस्क अली टाक (16 अक्टूबर 1985 से 6 फरवरी 1988)।
- अन्य प्रमुख नाम: पंकज पंचोली, भंवर लाल शर्मा, राजेंद्र राठौड़, मदन राठौड़, महेंद्र चौधरी।
विधानसभा के पहले सचिव: मंसाराम पुरोहित
