लोक नीति (Public Policy)

लोक नीति (Public Policy) भारतीय राजनीतिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो सरकार द्वारा जनहित में बनाई गई नीतियों और निर्णयों को दर्शाती है। यह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं के समाधान हेतु दिशा-निर्देश प्रदान करती है। लोकनीति का मुख्य उद्देश्य जनता के कल्याण और सुशासन को सुनिश्चित करना है।

अर्थ एवं परिभाषा

  • सरल शब्दों में: सार्वजनिक समस्याओं को सुलझाने के लिए सरकार द्वारा चुनी गई दिशा या मार्ग।
  • थॉमस डाई के अनुसार: “सरकार जो कुछ भी करने या न करने का चुनाव करती है, वही लोक नीति है।”
  • प्रकृति: यह लक्ष्य-उन्मुख (Goal-oriented) होती है और इसका उद्देश्य जनहित होता है।

लोकनीति के प्रमुख प्रकार

  • लोक नीतियों को उनके प्रभाव के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा जा सकता है:
    • नियामक नीतियां (Regulatory): जो व्यक्तियों या समूहों के व्यवहार को नियंत्रित करती हैं (जैसे- यातायात नियम, प्रदूषण मानक)।
    • वितरणकारी नीतियां (Distributive): समाज के विशिष्ट वर्गों को लाभ पहुँचाने वाली (जैसे- छात्रवृत्ति, मुफ्त राशन)।
    • पुनर्वितरणकारी नीतियां (Redistributive): आय और संसाधनों के अंतर को कम करने वाली (जैसे- प्रगतिशील टैक्स प्रणाली)।
    • सुधारात्मक/संरचनात्मक नीतियां: जो सामाजिक या प्रशासनिक ढांचे में सुधार लाती हैं।

लोक नीति चक्र

  • लोक नीति के निर्माण से लेकर समाप्ति तक की प्रक्रिया इन चरणों से गुजरती है:
    • एजेंडा निर्धारण: उन समस्याओं की पहचान करना जिन्हें सुलझाने की आवश्यकता है
    • नीति निर्माण: विशेषज्ञों और हितधारकों के परामर्श से समाधान का मसौदा (Draft) तैयार करना।
    • नीति अंगीकरण: संसद या कार्यपालिका द्वारा नीति को औपचारिक मंजूरी देना।
    • नीति कार्यान्वयन: नौकरशाही और प्रशासनिक मशीनरी द्वारा इसे ज़मीनी स्तर पर लागू करना।
    • नीति मूल्यांकन: यह जांचना कि क्या नीति ने अपने उद्देश्यों को प्राप्त किया।

लोक नीति (Public Policy) निर्माण के मुख्य कारक (हितधारक)

  • आधिकारिक कारक: संसद (विधायिका), मंत्रिमंडल (कार्यपालिका) और न्यायपालिका।
  • अनौपचारिक कारक: राजनीतिक दल, दबाव समूह, नागरिक समाज (NGOs), मीडिया और आम जनता।
  • चुनौतियाँ
    • डेटा का अभाव: सटीक जानकारी के बिना दोषपूर्ण नीतियों का निर्माण।
    • कार्यान्वयन की कमी: भ्रष्टाचार या प्रशासनिक ढिलाई के कारण नीति का विफल होना।
    • राजनीतिक इच्छाशक्ति: लोकलुभावन वादों के कारण कभी-कभी दीर्घकालिक जनहित की अनदेखी।

प्रमुख संस्थान

संस्थान

भूमिका

NITI Aayog

भारत का प्रमुख ‘थिंक टैंक’। यह ‘Bottom-up’ एप्रोच और प्रतिस्पर्धी संघवाद (जैसे SDG इंडेक्स) पर काम करता है।

कैबिनेट सचिवालय

विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय और नीतिगत निर्णयों की निगरानी।

PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय)

उच्च-स्तरीय नीतिगत दिशा-निर्देश और रणनीतिक निर्णय।

IIPA (भारतीय लोक प्रशासन संस्थान)

लोक नीति पर शोध और प्रशिक्षण।

भारत सरकार की प्रमुख योजनाएं

योजना का नाम

प्रारंभ तिथि

नवीनतम तथ्य और जानकारी (DD – 2026 Update)

आयुष्मान भारत (PM-JAY)

23 सितंबर, 2018

  • अब 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹5 लाख का मुफ़्त इलाज अनिवार्य है। 
  • अब तक 35 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

PM-किसान सम्मान निधि

24 फरवरी, 2019

  • फरवरी 2026 तक 19वीं किस्त जारी की जा चुकी है। अब तक किसानों के खातों में ₹3.5 लाख करोड़ से अधिक सीधे ट्रांसफर (DBT) हुए हैं। 
  • अब 20वीं किस्त की तैयारी, जो जून 2026 तक संभावित है।

PM आवास योजना (2.0)

25 जून, 2015

  • नए चरण (PMAY 2.0) के तहत 2029 तक 3 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य है। 
  • इसमें शहरी मध्यम वर्ग के लिए ब्याज सब्सिडी (CLSS) को फिर से सुधारा गया है।

PM-सूर्य घर: मुफ्त बिजली

15 फरवरी, 2024

  • 1 करोड़ घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य। लाभार्थियों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और ₹78,000 तक की सरकारी सब्सिडी मिल रही है।

PM मुद्रा योजना

8 अप्रैल, 2015

  • बजट 2024-25 के बाद ‘तरुण’ ऋण की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी गई है, जिससे छोटे उद्यमियों को बड़ा प्रोत्साहन मिला है।

लखपति दीदी योजना

15 अगस्त, 2023

  • स्वयं सहायता समूहों (SHG) की 3 करोड़ महिलाओं को सालाना ₹1 लाख से अधिक की आय सुनिश्चित करने का लक्ष्य 2026 तक तेजी से पूरा किया जा रहा है। 
  • ड्रोन दीदी कार्यक्रम को इसके साथ एकीकृत किया गया है ताकि महिलाएं कृषि में तकनीक का उपयोग कर सकें।

PM विश्वकर्मा योजना

17 सितंबर, 2023

  • 18 पारंपरिक व्यवसायों (जैसे सुथार, लोहार) को ₹3 लाख तक का बिना गारंटी ऋण (5% ब्याज) और ₹15,000 की टूलकिट प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

जल जीवन मिशन

15 अगस्त, 2019

  • फरवरी 2026 तक भारत के 82% से अधिक ग्रामीण घरों में ‘हर घर जल’ (नल का कनेक्शन) पहुँच चुका है।

PM ई-ड्राइव (E-DRIVE)

सितंबर, 2024

  • यह FAME योजना का स्थान ले चुकी है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और एम्बुलेंस को बढ़ावा देने के लिए ₹10,900 करोड़ का निवेश करना है
  • FAME-II की तुलना में इसमें फास्ट चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर अधिक बजट आवंटित है।

अटल पेंशन योजना (APY)

9 मई, 2015

  • 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, कुल नामांकन 6.5 करोड़ को पार कर गया है। यह असंगठित क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना है।

PM गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY)

26 मार्च, 2020

  • इस योजना को दिसंबर 2028 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को प्रति माह 5 किलो मुफ्त अनाज मिल रहा है।

PM स्वनिधि (SVANidhi)

1 जून, 2020

  • रेहड़ी-पटरी वालों के लिए। अब ₹50,000 तक का तीसरा ऋण (Loan) आसानी से उपलब्ध है। 85 लाख से अधिक विक्रेताओं को लाभ मिल चुका है।

PM-प्रणाम (PM-PRANAM)

जून, 2023

  • वैकल्पिक उर्वरकों (Organic Fertilizers) को बढ़ावा देने के लिए। रासायनिक खाद के उपयोग में 15% की कमी लाने का लक्ष्य है।

डिजिटल इंडिया मिशन 2.0

1 जुलाई, 2015

  • AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और सेमीकंडक्टर मिशन पर ध्यान। भारत नेट के माध्यम से 2026 तक सभी गांवों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड का लक्ष्य।

अमृत (AMRUT 2.0)

1 अक्टूबर, 2021

  • 4,700 शहरों में पानी की आपूर्ति और सीवरेज प्रबंधन। ‘वाटर सिक्योर सिटीज’ के तहत 100% कवरेज की ओर अग्रसर।

PM पोषण (मिड-डे मील)

सितंबर, 2021

  • स्कूलों में बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन। अब इसमें स्थानीय मोटे अनाज (Millets/Shree Anna) को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है।

गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान

13 अक्टूबर, 2021

  • ₹100 लाख करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट। रेलवे, सड़क और जलमार्गों के बीच लॉजिस्टिक्स लागत को 14% से घटाकर 8% करने का लक्ष्य।

PM मित्रा (PM MITRA)

मार्च, 2023

  • टेक्सटाइल सेक्टर के लिए 7 मेगा पार्क बनाए जा रहे हैं। 2026 तक इनमें से 3 पार्कों के चालू होने की उम्मीद है।

उज्ज्वला योजना 2.0

10 अगस्त, 2021

  • 10 करोड़ से अधिक कनेक्शन पूर्ण। अब लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर ₹300 की सीधी सब्सिडी (DBT) मिल रही है।

PM जन मन (JANMAN)

15 नवंबर, 2023

  • विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के लिए ₹24,000 करोड़ का पैकेज। आवास, सड़क और शिक्षा पर केंद्रित।

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