- अलगोजा राजस्थान का एक प्रमुख लोक सुषिर (वायु) वाद्य यंत्र है।
- यह चार-चार छिद्रों वाली दो बाँसुरियों से मिलकर बना होता है।
- दोनों बाँसुरियों को एक साथ मुख में रखकर बजाया जाता है, जिसमें एक से ‘सा’ (स्थिर स्वर) तथा दूसरी से विभिन्न स्वर निकलते हैं।
- इसे नकसाँसी तकनीक से भी बजाया जाता है।
- प्रसिद्ध वादक: रामनाथ चौधरी (नाक से अलगोजा वादन के लिए प्रसिद्ध)।

