कार्यस्थल पर बर्नआउट, तनाव और उससे निपटना: व्यावसायिक तनाव के स्रोत और उससे निपटने की शैलियाँ

तनाव की प्रकृति बहुआयामी है और इसे विभिन्न दृष्टिकोणों से देखा जा सकता है:

  1. प्रतिक्रिया के रूप में तनाव (सेलिये): यह बाहरी मांगों के प्रति शारीरिक प्रतिक्रिया है, जिसमें शरीर की तनाव प्रतिक्रिया प्रणाली शामिल होती है। उदाहरण: जनरल अडैप्टेशन सिंड्रोम (GAS) मॉडल।
  2. उत्तेजक के रूप में तनाव (होल्म्स और राए): कुछ जीवन घटनाएँ तनाव कारकों के रूप में कार्य करती हैं। व्यक्ति की भिन्नताओं के बावजूद, यह वस्तुनिष्ठ परिस्थितियों पर आधारित है
  3. प्रक्रिया/लेनदेन के रूप में तनाव (लाजारस और फोल्कमैन): तनाव स्थितियों के मूल्यांकन और उनकी सामना करने की क्षमता से उत्पन्न होता है । यह तनाव और मुकाबला करने की रणनीतियों की व्यक्तिपरक प्रकृति पर जोर देता है।

इन दृष्टिकोणों से तनाव की जैविक, पर्यावरणीय, और मनोवैज्ञानिक आयामों को समझने में सहायता मिलती है, जो तनाव के जटिल स्वभाव को उजागर करते हैं।

यू-स्ट्रेसडिस्ट्रेस
सकारामक तनाव (वांछनीय)नकारामक तनाव (अवांछनीय)
अल्पकालिक अल्पकालिक – दीर्घकालिक 
प्रदर्शन को बढ़ाता हैप्रदर्शन को घटाता है
उत्साह उत्पन्न करता हैचिंता उत्पन्न करता है
उदाहरण: नई नौकरी शुरू करनाउदाहरण: आघात पूर्ण घटनाएँ
  1. शोधकर्ताओं का अनुमान है कि तनाव कई शारीरिक बीमारियों में 50-70% में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चिकित्सकों परामर्श के सभी मामलों में से लगभग 60% मामले तनाव संबंधी होते हैं। 
  2. तनाव का हृदय संबंधी विकारों, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, अल्सर, एलर्जी और सिरदर्द सहित जैसी मानसिक/शारीरिक विकृतियों के विकास में भी योगदान होता है। 
  3. तनाव प्राकृतिक किलर कोशिका (Natural killer cell) की कोशिका-विषाक्तता को प्रभावित कर सकता है, जो विभिन्न संक्रमण और कैंसर से बचाव में बहुत सहायक होती हैं। 
  4. अत्यधिक तनावग्रस्त व्यक्ति में प्राकृतिक किलर सेल कोशिका-विषाक्तता का स्तर कम पाया गया है, जिससे संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे व्यक्तियों में मुख्यत: प्रतियोगी परीक्षाओं के छात्र,‬‭ शोक‬‭ संतप्त‬‭ और‬‭ गंभीर‬‭ रूप‬‭ से‬‭ उदास‬‭ लोग‬‭ शामिल है।‬ 
  5. तनाव के दौरान एड्रिनल ग्रंथि से कोर्टिसोल हार्मोन का स्त्राव होता है, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली प्रभावित होती है और व्यक्ति बीमारियों की चपेट में आ जाता है।
  • तनाव (Stress) का स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्योंकि यह प्रतिरक्षा तंत्र (Immune System) को कमजोर करता है।
  • यह नेचुरल किलर (Natural Killer – NK) कोशिकाओं की गतिविधि को कम कर देता है, जो शरीर को संक्रमणों और कैंसर से बचाने का कार्य करती हैं।
  • इस कारण, अत्यधिक तनावग्रस्त व्यक्ति अल्सर, दमा (Asthma), उच्च रक्तचाप (Hypertension) और हृदय रोग (Heart Disease) जैसी बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं।
  • अनुसंधानों से पता चला है कि 50–70% शारीरिक रोग तथा लगभग 60% चिकित्सकीय परामर्श तनाव-सम्बंधित लक्षणों से जुड़े होते हैं।
पहलूभावनात्मक-केंद्रितसमस्या-केंद्रित 
परिभाषातनाव के स्रोत को बदलने के बजाय भावनाओं को नियंत्रित या प्रबंधित करना।तनाव के स्रोत को सीधे हल करने या कम करने का प्रयास करना।
उद्देश्यभावनात्मक संतुलन बनाए रखना और मानसिक शांति प्राप्त करना।समस्या को हल करना या तनाव पैदा करने वाले कारण को समाप्त करना।
दृष्टिकोणआंतरिक, मानसिक और भावनात्मक समायोजन।बाह्य, क्रियाशील और व्यावहारिक समाधान।
उदाहरणध्यान, श्वास अभ्यास, मित्रों/परिवार से समर्थन लेना, मानसिक पुनर्मूल्यांकन, भावनाओं को व्यक्त करना।समय प्रबंधन, मार्गदर्शन लेना, योजना बनाना, समस्या को सीधे हल करना।
कब उपयोगी जब तनाव का कारण नियंत्रित या बदला नहीं जा सकता।जब तनाव का कारण नियंत्रणीय और हल करने योग्य हो।
प्रभावशीलतास्थिति बनी रहने पर भी मानसिक संतुलन बनाए रखता है।लंबे समय में तनाव के स्रोत को कम या समाप्त करता है।

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