सत्येन्द्र नाथ बोस
- बोस-आइंस्टीन सांख्यिकी (1924): अल्बर्ट आइंस्टीन के साथ विकसित किया – उन कणों का वर्णन करता है जो बोस-आइंस्टीन सांख्यिकी का पालन करते हैं (अब बोसॉन के रूप में जाने जाते हैं)।
- बोस-आइंस्टीन संक्षेपण (BEC): बोस-आइंस्टीन संक्षेपण (BEC) की भविष्यवाणी की, जो पदार्थ की एक नई अवस्था है (1995 में पुष्टि हुई)।
- आइंस्टीन के साथ सहयोग: फोटॉनों और अन्य कणों के क्वांटम व्यवहार को समझाने के लिए आइंस्टीन के साथ कार्य किया।
- सैद्धांतिक भौतिकी में अग्रणी योगदान: क्वांटम यांत्रिकी और सांख्यिकीय भौतिकी में महत्वपूर्ण कार्य।
- अन्य कार्य: एक्स-रे विवर्तन और ब्रह्मांड विज्ञान (कॉस्मोलॉजी) पर शोध।
- बोस इंस्टिट्यूट, कोलकाता: उनके द्वारा स्थापित, आज भी एक प्रमुख अनुसंधान संस्थान है।
श्रीनिवास रामानुजन
- स्व-शिक्षित गणितीय प्रतिभा: ईरोड, तमिलनाडु में जन्मे, छोटी उम्र से ही असाधारण गणितीय प्रतिभा दिखाई।
- प्रमुख योगदान:
- अनंत श्रेणी (Infinite Series): π (पाई) के लिए नई श्रेणियाँ विकसित कीं, जो आधुनिक एल्गोरिदम का आधार बनीं।
- संख्या सिद्धांत (Number Theory): विभाजन फलन (Partition Functions), भाजक फलन (Divisor Functions), और मॉड्यूलर रूपों (Modular Forms) में योगदान।
- रामानुजन प्राइम (Ramanujan Prime) एवं रामानुजन थीटा फलन (Ramanujan Theta Function)।
- मॉक थीटा फलन (Mock Theta Functions)।
- “हार्डी-रामानुजन संख्या” : The number 1729:
- “यह सबसे छोटी संख्या है जिसे दो घनों के योग के रूप में दो अलग-अलग तरीकों से लिखा जा सकता है।”
- 1729 = 1³ + 12³ = 9³ + 10³
- “यह सबसे छोटी संख्या है जिसे दो घनों के योग के रूप में दो अलग-अलग तरीकों से लिखा जा सकता है।”
- जी.एच. हार्डी के साथ सहयोग: जी. एच. हार्डी (G.H. Hardy) के साथ मिलकर स्पेशल फंक्शन, अनंत श्रेणी और गणितीय संख्याओं पर कार्य किया।
- 1918 में रॉयल सोसाइटी (FRS) के सबसे युवा फेलो में से एक बने।
- विरासत: 22 दिसंबर (उनका जन्मदिन) को “राष्ट्रीय गणित दिवस” के रूप में मनाया जाता है।
सी. वी. रमन –
सी. वी. रमन एक भारतीय भौतिक विज्ञानी थे जिन्हें प्रकाश प्रकीर्णन के क्षेत्र में उनके काम के लिए जाना जाता है। वह विज्ञान के किसी भी क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले एशिया के पहले व्यक्ति थे।
योगदान / खोज | विवरण |
1928 में रमन प्रभाव की खोज |
![]() रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी का उपयोग सामग्रियों की एक विस्तृत श्रृंखला का विश्लेषण करने के लिए किया जाता है:
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Musical sound |
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समुद्र का नीला रंग |
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एम. एस. स्वामीनाथन
एमएस स्वामीनाथन, जिन्हें अक्सर “भारत में हरित क्रांति का जनक” कहा जाता है, ने कृषि विज्ञान, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
योगदान / खोज | विवरण |
खाद्य सुरक्षा |
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किसानों को समर्थन |
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कृषि अनुसंधान एवम् विकास में योगदान |
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स्वामीनाथन को 1987 में प्रथम विश्व खाद्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। हाल ही में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

