झीलें

राजस्थान खारे पानी की झीलों के लिए जाना जाता है –

  • यह झीलें राज्य के पश्चिमी मरुस्थलीय व अंतर स्थलीय प्रभाव वाले क्षेत्र में पाई जाती है
  • यह प्राकृतिक एवं छिछली हैं।
  • अधिकतर झीलों में व्यावसायिक स्तर पर नमक का उत्पादन किया जाता है।
  • राजस्थान में सर्वाधिक खारे पानी की झीलें नागौर जिले में पाई जाती है

प्रमुख झीलें –

  • सांभर (जयपुर, नागौर) राजस्थान की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है। इसे 1990 में रामसर साइट घोषित किया गया था। मेंथा, रूपनगढ़, खारी, खंडेला नदियां सांभर में आकर गिरती है।
  • पचपदरा झील – बालोतरा (बाड़मेर) में स्थित , यहां उत्तम कोटि के नमक (98% सोडियम क्लोराइड) का उत्पादन होता  है। यहां खरवाल जाति नमक उत्पादन में मोरली झाड़ी का उपयोग करती है।
  • डीडवाना झील (नागौर) का नमक निम्न श्रेणी का होता है , अतः इसका उपयोग खाने की बजाय औद्योगिक कार्यों में होता है। यहां सोडियम सल्फेट संयंत्र लगाया गया है। 
  • लूणकरणसर (बीकानेर) एवं कुचामन (नागौर), तलछापर (चूरू) , फलौदी(जोधपुर) ,रेवासा (सीकर) , कावोद (जैसलमेर)आदि अन्य प्रमुख खारे पानी की झीलें हैं।

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