ऊर्जा संसाधन

भारत में  कोयला मुख्य रूप से दो भूगर्भिक कालों की शैल क्रमों में पाया जाता है – गोंडवाना और टर्शियरी निक्षेप। इन शैल क्रमों में पाए जाने वाला कोयला मुख्यत बिटुमिनस प्रकार का है ।

गोंडवाना कोयला –

  • भारत में सर्वाधिक महत्वपूर्ण गोंडवाना कोयला क्षेत्र दामोदर घाटी में स्थित है।झरिया, रानीगंज यहाँ के बड़े कोयला क्षेत्रों में से है। कोयले से संबद्ध अन्य नदी घाटियाँ गोदावरी, महानदी तथा सोन हैं।        

कोयला खनन केंद्र –  

मध्य प्रदेश में सिंगरौली, छत्तीसगढ़ में कोरबा, ओडिशा में तलचर तथा रामपुर;   महाराष्ट्र में चाँदा-वर्धा, काम्पटी और बांदेर,  तेलंगाना मे सिंगरेनी व  आंध्र प्रदेश में पांडुर

टर्शियरी कोयला –

  •  असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय तथा नागालैंड में पाया जाता है। यह दरानगिरी, चेरापूँजी, मेवलांग तथा लैंग्रिन (मेघालय); माकुम, जयपुर तथा ऊपरी असम में नज़ीरा नामचिक-नाम्फुक (अरुणाचल प्रदेश) तथा कालाकोट (जम्मू-कश्मीर) में निष्कर्षित किया जाता है।

इसके अतिरिक्त भूरा कोयला या लिगनाइट भी पाया जाता है।

  • नेवल्ली (TN), पलाना (राजस्थान ), उमरसर  (GJ ), कश्मीर


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