नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक

    • नियुक्ति- चयन के लिए कोई मानदंड नहीं है
      • सरकारी तंत्र CAG की नियुक्ति स्वयं करता है (कार्यकारी जवाबदेही सुनिश्चित करने की उसकी भूमिका के विरुद्ध)।
      • केंद्र सरकार राज्य सरकारों से परामर्श किए बिना सीएजी की नियुक्ति करती है (संघवाद के सिद्धांतों के खिलाफ) ।
      • सीएजी की नियुक्ति करते समय हितों का टकराव, जैसे- जब पूर्व सचिवों या प्रशासकों को CAG के रूप में नियुक्त किया जाता है, तो संस्था की स्वतंत्रता से समझौता किया जाने लगता है।जैसे-  सीएजी के रूप में जीसी मुर्मू की नियुक्ति आदि।
    • पोस्ट फैक्टो ऑडिट: CAG खर्च होने के बाद ही उसका ऑडिट करता है।
    • गोपनीय सेवा व्यय – CAG कार्यकारी एजेंसियों द्वारा किए गए व्यय का विवरण नहीं मांग सकता है और उसे व्यय के प्रमाण पत्र स्वीकार करने होंगे।

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