संज्ञानात्मक बुद्धि; कार्यस्थल पर उसका महत्व और समावेश

हॉवर्ड गार्डनर के बुद्धि के बहुआयामी सिद्धांत (1983) के अनुसार, बुद्धिमत्ता एक एकल तत्व नहीं है, बल्कि कई बुद्धिमत्ताओं से बनी है जो किसी  समस्या का समाधान खोजने के लिए परस्पर क्रिया करती हैं और मिलकर काम करती हैं। बुद्धि के विभिन्न रूप हैं-

  1. भाषागत (स्वयं को अभिव्यक्त करने और दूसरों को समझने के लिए भाषा का धाराप्रवाह उपयोग करने की क्षमता); शब्द चतुर; लेखक, पत्रकार.
  2. तर्कसंगत/गणितीय (तर्कसंगत सोच और समस्या समाधान में कुशल); वैज्ञानिक।
  3. सांगीतिक ( ध्वनियों, लय, पैटर्न, अच्छे ज्ञान के प्रति संवेदनशील); गायक और संगीतकार.
  4. स्थानिक (दृश्य चित्र और पैटर्न बनाने में कौशल); पायलट, चित्रकार.
  5. शारीरिक गतिक  (पूरे या शरीर के कुछ हिस्सों का लचीले और रचनात्मक तरीके से उपयोग करना); अभिनेता, नर्तक.
  6. अंतर्वैयक्तिक  (दूसरों के व्यवहार के सूक्ष्म पहलुओं के प्रति संवेदनशीलता); परामर्शदाता, मनोवैज्ञानिक,
  7. अंतः व्यक्तिक  (किसी की अपनी भावनाओं, उद्देश्यों और इच्छाओं के बारे में जागरूकता); दार्शनिक और आध्यात्मिक नेता 
  8. प्रकृतिवादी (प्राकृतिक दुनिया की विशेषताओं के प्रति संवेदनशीलता); पर्यटक, प्राणीशास्त्री
  9. अस्तित्ववादी ((जीवन, मृत्यु, संसार, मोक्ष के रहस्य को जानने की क्षमता); दार्शनिक 
आधारपरंपरागत IQ (Ratio IQ)Deviation IQ
प्रस्तावकAlfred Binet और Theodore Simon (1905); बाद में Lewis Terman (1916) ने बढ़ायाDavid Wechsler (1939) – Wechsler-Bellevue Intelligence Scale
परिभाषामानसिक आयु (MA) और क्रोनोलॉजिकल आयु (CA) के अनुपात × 100 से IQ निकालनाव्यक्ति के स्कोर को उसी आयु समूह के औसत स्कोर से तुलना करके IQ निकालना
सूत्रIQ = (MA ÷ CA) × 100IQ = (व्यक्ति का स्कोर ÷ आयु समूह का औसत स्कोर) × 100 या मानक विचलन (SD) के अनुसार मानकीकृत स्कोर
आयु पर निर्भरताआयु पर निर्भर (मुख्य रूप से बच्चों के लिए मान्य)आयु पर निर्भर नहीं (सभी आयु समूहों में लागू)
फोकसमानसिक विकास का पूर्ण / वास्तविक माप, आयु के सापेक्षसमान आयु समूह के साथ तुलना के आधार पर सापेक्ष माप
उपयुक्तताबच्चों के लिए सबसे उपयुक्त; वयस्कों में कम विश्वसनीय (मानसिक आयु स्थिर)सभी आयु समूहों में लागू; आयु मानदंडों के अनुसार तुलना करता है

एक आदर्श प्रशासक वह है जिसमे IQ (बौद्धिक क्षमता), EQ (भावनात्मक समझ), SQ (व्यापक दृष्टिकोण) और CQ (सांस्कृतिक संवेदनशीलता) का संतुलित समन्वय होता है। वह “योगः कर्मसु कौशलम्” के भाव से जीता है, जहाँ मन, हृदय, आत्मा और समाज का संतुलन ही प्रशासन में उत्कृष्टता का मूल है।

आयामप्रशासन में भूमिकाउदाहरण
IQ (बौद्धिक लब्धि)विश्लेषणात्मक क्षमता, तार्किक सोच और प्रमाण-आधारित निर्णय लेने की योग्यता विकसित करता है। प्रभावी नीति निर्माण और समस्या-समाधान में सहायक।डेटा आधारित प्रशासन (उदाहरण: PM गति शक्ति योजना), प्रभावी नीति निर्माण
EQ (भावनात्मक लब्धि)सहानुभूति, शांति और भावनात्मक संतुलन को सक्षम बनाता है। संघर्ष की स्थिति में शांत रहकर निर्णय लेने और जनसंपर्क बेहतर बनाने में सहायक।IPS चेतन सिंह – बेंगलुरु में CAA विरोध प्रदर्शन को सहानुभूति और संवाद के माध्यम से शांतिपूर्वक संभाला
SQ (आध्यात्मिक लब्धि)नैतिक साहस, ईमानदारी और जीवन के उद्देश्य (“मैं यहाँ क्यों हूँ?”) की भावना को सुदृढ़ करता है। निःस्वार्थ सेवा और धर्म आधारित प्रशासन को बढ़ावा देता है।IAS अशोक खेमका – ईमानदारी और उद्देश्यबोध से प्रेरित होकर 34 वर्षों में 57 तबादलों के बावजूद कर्तव्यनिष्ठ रहे
CQ (सांस्कृतिक लब्धि)विविधता के प्रति सम्मान, स्थानीय संस्कृतियों के अनुरूपता और “एकता में अनेकता”“एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त करता है। क्षेत्रवाद, सांप्रदायिकता और मौताणा, कुकड़ी जैसी सामाजिक कुरीतियों को मिटाने में सहायक।IAS दिव्या देवराजन – आदिलाबाद में जनजातीय समुदायों से बेहतर संवाद हेतु गोंडी भाषा सीखी

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