- यह जसनाथी संप्रदाय के अनुयायियों द्वारा किया जाने वाला एक पेशेवर नृत्य है।
- क्षेत्र : कतरियासर गांव, बीकानेर
- जलते अंगारों के ढेर पर पुरुषों द्वारा प्रदर्शन किया जाता है
- धूना में प्रवेश करते समय “फत्ते-फत्ते” का उद्घोष
- नर्तक द्वारा दांतों से अंगारे पकड़ना, अंगारे से मतीरा फोड़ना, तलवार चलाना जैसी गतिविधियाँ करते हैं।
- महाराजा गंगा सिंह ने इसे संरक्षण प्रदान किया।
