आधार | तलपट के मिलान को प्रभावित करने वाली अशुद्धियाँ | तलपट के मिलान को प्रभावित न करने वाली अशुद्धियाँ |
अर्थ | ये अशुद्धियाँ तलपट के डेबिट और क्रेडिट के योग को असमान बना देती हैं। | ये अशुद्धियाँ तलपट के डेबिट और क्रेडिट योग की समानता को प्रभावित नहीं करती हैं। |
अशुद्धियों की प्रकृति | एकपक्षीय अशुद्धियाँ (केवल एक पक्ष को प्रभावित करती हैं – डेबिट या क्रेडिट)। | द्विपक्षीय अशुद्धियाँ (डेबिट और क्रेडिट दोनों पक्षों को समान रूप से प्रभावित करती हैं)। |
ज्ञात होना | ये अशुद्धियाँ आसानी से ज्ञात हो जाती हैं क्योंकि तलपट का मिलान नहीं होता। | ये अशुद्धियाँ तलपट से ज्ञात नहीं होतीं तथा खाताबही और मूल प्रविष्टियों की गहन जाँच करनी पड़ती है। |
सुधार प्रक्रिया | सुधार सरल होता है तथा आवश्यकता पड़ने पर उच्चंत खाता/सस्पेंस खाता के माध्यम से किया जा सकता है। | सुधार अधिक जटिल होता है क्योंकि इसमें सामान्यतः दो या अधिक खातों को प्रभावित करने वाली रोज़नामचा प्रविष्टियाँ करनी पड़ती हैं। |
उदाहरण |
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| विवरण | ₹ |
| प्रारंभिक रहतिया | 50,000 |
| अंतिम रहतिया | 60,000 |
| शुद्ध लाभ | 2,17,900 |
| 10% ऋणपत्र | 2,50,000 |
| परिचालन से आगम | 4,00,000 |
| सकल लाभ | 1,94,000 |
| रोकड़ एवं रोकड़ तुल्य | 40,000 |
| अंश वारंट के विरुद्ध प्राप्त राशि | 20,000 |
| व्यापारिक प्राप्य | 1,00,000 |
| व्यापारिक देय | 1,90,000 |
| अन्य चालू दायित्व | 70,000 |
| अंश पूंजी | 2,00,000 |
| संचय एवं आधिक्य | 1,20,000 |
तरलता अनुपात | तरल सम्पत्तियाँ / चालू दायित्व |
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स्कन्द आवर्त अनुपात / स्टॉक टर्नओवर अनुपात | विक्रयित माल की लागत / औसत रहतिया |
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सकल लाभ अनुपात | (सकल लाभ / परिचालन से आगम) × 100 |
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निवेशित पूंजी पर लाभ अनुपात (ROCE) | (ब्याज एवं कर पूर्व आय / निवेशित पूंजी) × 100 |
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आधार | निवेश गतिविधियों से रोकड़ प्रवाह | वित्तीय गतिविधियों से रोकड़ प्रवाह |
अर्थ | निवेश गतिविधियों में दीर्घकालीन परिसंपत्तियों तथा ऐसे अन्य विनियोगों का क्रय और विक्रय सम्मिलित होता है जो रोकड़ समकक्षों में शामिल नहीं होते। | वित्तीय गतिविधियाँ उद्यम की दीर्घकालीन निधियों या पूँजी से संबंधित होती हैं तथा स्वामियों की पूँजी और उधारों के आकार एवं संरचना में परिवर्तन उत्पन्न करती हैं। |
उद्देश्य | ये गतिविधियाँ उन संसाधनों के अधिग्रहण हेतु किए गए व्यय को प्रदर्शित करती हैं जो भविष्य में रोकड़ प्रवाह उत्पन्न करेंगे। | ये गतिविधियाँ दर्शाती हैं कि व्यवसाय का वित्तपोषण अंश पूँजी, ऋण तथा लाभांश भुगतान के माध्यम से किस प्रकार किया जाता है। |
संबंधित | स्थायी परिसंपत्तियों तथा विनियोगों के क्रय और विक्रय से संबंधित। | पूँजी एवं उधारों को प्राप्त करने तथा उनके पुनर्भुगतान से संबंधित। |
अन्तः प्रवाह के उदाहरण |
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बहिः प्रवाह के उदाहरण |
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