आदेश की एकता

निर्देश  की एकता का अर्थ है कि एक कर्मचारी को केवल अपने वरिष्ठ से ही  निर्देश लेने  चाहिए। यह सिद्धांत पदानुक्रमित संगठन की अदिश श्रृंखला में निहित है ।

महत्व 

सीमाएँ 

  • संघर्ष और असमंजस को रोकता है: एकाधिक वरिष्ठ, अधीनस्थों और वरिष्ठों के बीच विरोधाभासी आदेश और असमंजस पैदा कर सकते हैं।
  • जवाबदेही बढ़ती है: स्पष्ट प्राधिकार ,जवाबदेही और पर्यवेक्षण में सुधार करती हैं।
  • प्रभावी प्रदर्शन सुनिश्चित : परस्पर विरोधी आदेशों को समाप्त करके और भूमिकाओं और जिम्मेदारियों में स्पष्टता को बढ़ावा देकर
  • फेयोल की वकालत: इसके उल्लंघन से संगठन के भीतर अधिकार संबंधी समस्याएं, अनुशासन संबंधी समस्याएं और अस्थिरता पैदा होती है।
  • तकनीकी विशेषज्ञों के उपयोग में टकराव होता है, जो अक्सर तकनीकी और प्रशासनिक दोनों प्रमुखों को रिपोर्ट करते हैं।
  • साइमन ने निर्देश की एकता और विशेषज्ञता के बीच संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा की विशेष भूमिकाएं निर्देश की दोहरी श्रृंखलाओं को जन्म दे सकती हैं।
  • जटिल आधुनिक सरकारी प्रशासनिक स्थितियाँ अक्सर आदेशों की बहुलता का परिणाम होती हैं
  • बहु-प्रधान निकाय, बोर्ड और आयोग, निर्देश  की एकता के सिद्धांत को कमजोर करते हैं।

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