राजस्थान में पर्यटन

राजस्थान में पर्यटन राजस्थान का भूगोल का एक महत्वपूर्ण विषय है, जो राज्य की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहर और प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाता है। यहाँ के किले, महल, मरुस्थल, वन्यजीव अभयारण्य और धार्मिक स्थल देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।

  • मोहम्मद यूनुस समिति की सिफारिश पर 4 मार्च 1989 को पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया था।
  • पर्यटन को 2004-05 में “जन उद्योग” का दर्जा दिया गया था।
  • राजस्थान पर्यटन की टैगलाइन “Rajasthan – Incredible State of India”.
  • पर्यटन विभाग का स्लोगन “पधारो महारे देश” अल्लाह ज़िला बाई द्वारा  मांड  गायन शैली में गाया गया।
  • प्रतिनिधि पशु – ऊंट
राजस्थान में पर्यटन
राजस्थान में पर्यटन
  • पर्यटन क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 12% का योगदान देता है।
  • वर्ष 2024 में कुल 20.72 लाख विदेशी पर्यटकों का  राजस्थान में आगमन हुआ।
  • वर्ष 2024 में कुल 2,300.84 लाख घरेलू पर्यटकों का  राजस्थान में आगमन हुआ।
  • वर्ष 2024 में घरेलू पर्यटकों की संख्या में 28.50% और विदेशी पर्यटकों की संख्या में 21.92% की वृद्धि हुई।
  • घरेलू और विदेशी पर्यटन के मामले में राजस्थान का  देश में 5वां स्थान है ।
  • राजस्थान में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक भ्रमण (शीर्ष ज़िले)
    • जयपुर 
    • उदयपुर 
    • जोधपुर
    • जैसलमेर
    • अजमेर
  • राजस्थान में घरेलू पर्यटक यात्राएँ (शीर्ष ज़िले)
    • सीकर 
    • चित्तौड़गढ़
    • अजमेर
    • जैसलमेर
    • सवाईमाधोपुर
  • विभिन्न देशों से आने वाले पर्यटकों की स्थिति
    • संयुक्त राज्य अमेरिका
    • यूनाइटेड किंगडम 
    • फ्रांस
    • जर्मनी
    • इटली
    • ऑस्ट्रेलिया
    • बांग्लादेश
    • कनाडा

राजस्थान के पर्यटन सर्किट/केंद्र

स्वर्णिम त्रिकोण 

जयपुर, दिल्ली और आगरा को स्वर्णिम त्रिकोण कहा जाता है।

मरू त्रिकोण

बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर

शेखावाटी 

चूरू, सीकर, झुंझुनू 

बुद्ध सर्किट

बैराठ (जयपुर) से कालवी (झालावाड़)

ट्राइबल सर्किट 

बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, प्रतापगढ़ 

कृष्णा सर्किट

श्री नाथ जी (राजसमंद), खाटूश्यामजी (सीकर), गोविंद देवजी, गलताजी,  कनक वृन्दावन (जयपुर)

बालाजी सर्किट 

  • सालासर – चूरू 
  • पांडुपोल –अलवर
  • मेहंदीपुर – दौसा 
  • समोद वीर हनुमान  – जयपुर 

रणथंभौर सर्किट 

सवाई माधोपुर- टोंक 

हाड़ौती सर्किट 

कोटा, बूंदी, झालावाड़

भरतपुर सर्किट 

भरतपुर, डीग, धौलपुर 

मेवाड़ सर्किट 

नाथद्वारा (उदयपुर), कुंभलगढ़, चित्तौड़गढ़

माउंट आबू सर्किट 

माउन्ट आबू, रणकपुर, जालौर 

मेरवाड़ा सर्किट 

अजमेर, पुष्कर, नागौर, मेङता

अलवर सर्किट

अलवर (सिलीसेढ़-सरिस्का)

ढूँढाड़ सर्किट 

जयपुर, आमेर, समोद, रामगढ, दौसा, आभानेरी 

गोडवाड़ सर्किट

पाली, जालौर, बाड़मेर, सिरोही 

पुरातात्विक सर्किट 

बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, उदयपुर, कोटा

वाइल्डलाइफ  सर्किट

जयपुर, अलवर, राजसमंद, प्रतापगढ़, धौलपुर, करौली, सिरोही

तीर्थ सर्किट

नाथद्वारा (राजसमंद), महावीर जी (करौली), पुष्कर

इको एडवेंचर सर्किट

जोधपुर, जैसलमेर, जयपुर, अलवर, सिरोही, राजसमंद, उदयपुर, धौलपुर, कोटा, चित्तौड़गढ़ 

शौर्य सर्किट 

लोंगेवाला युद्ध संग्रहालय और तनोट माता मंदिर (जैसलमेर)। (हाल ही में विकसित)

ऊंट महोत्सवबीकानेर
पतंग महोत्सवजयपुर 
ब्रज महोत्सव भरतपुर
जयपुर साहित्य महोत्सवडिग्गी पैलेस, जयपुर 
बेणेश्वर महोत्सवडूँगरपुर 
मरू महोत्सवजैसलमेर
उदयपुर विश्व संगीत महोत्सवउदयपुर 
गणगौर महोत्सव जयपुर 
मेवाड़ महोत्सवउदयपुर
कुंभलगढ़ महोत्सव उदयपुर
ग्रीष्म महोत्सव माउंट आबू 
तीज महोत्सव जयपुर 
क़ज़ली तीज बूंदी 
आभानेरी महोत्सवदौसा 
मारवाड़ महोत्सवजोधपुर
दशहरा महोत्सवकोटा 
चंद्रभागा महोत्सव झालावाड़ 
रणकपुर महोत्सव पाली 
मत्स्य महोत्सवअलवर
कोलायत महोत्सव बीकानेर
मोमासर महोत्सवबीकानेर
  • केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर) – 1985
  • जंतर- मंतर (जयपुर) – 2010
  • कालबेलिया लोक नृत्य (गुलाबो सपेरा)  – 2010 
  • 6 किले – 2013
    • चित्तौड़गढ़ किला (चित्तौड़गढ़)
    • कुंभलगढ़ दुर्ग  (राजसमंद)
    • सोनारगढ़ किला (जैसलमेर)
    • रणथम्भौर किला (सवाई- माधोपुर)
    • गागरोन किला (झालावाड़)
    • आमेर किला (जयपुर)
  • रचनात्मक शहर – जयपुर
  • जयपुर की चारदीवारी (परकोटा) – 2019-20
  • हेरिटेज सर्किट – 26 जून 2017 को केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने राजस्थान में निम्नलिखित विरासत स्थलों की घोषणा की:-
    • नाहरगढ़ किला – जयपुर
    • कुम्भलगढ़ किला – राजसमंद
    • रणथंभौर एवं खंडेर दुर्ग – सवाई – माधोपुर
    • बाला किला – अलवर
    • गागरोन दुर्ग – झालावाड़
    • भटनेर किला – हनुमानगढ़
    • कालीबंगा-हनुमानगढ़
    • गोगामेड़ी-हनुमानगढ़
    • चित्तौड़गढ़ किला
    • जैसलमेर किला
    • जालौर दुर्ग 
    • प्रताप गौरव केन्द्र – उदयपुर
    • बाग़-ए-नीलोफ़र, पुरानी बस्ती – धौलपुर
    • मीराबाई स्मारक – मेड़ता, नागौर
  1. पर्यटन विभाग (जयपुर) – 1956
  2. राजस्थान पर्यटन विकास निगम (R.T.D.C.) – 1 अप्रैल 1979।
    • उद्देश्य – पर्यटकों के लिए आवास, भोजन और परिवहन की व्यवस्था करना।
  3. राजस्थान पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (RITTMAN) – अप्रैल 29, 1996 (जयपुर)
  4. राजस्थान राज्य होटल निगम लिमिटेड
  • 3 कार्यरत 
    • होटल खासा कोठी – जयपुर
    • जयपुर होटल
    • होटल आनंद भवन – उदयपुर 
पर्यटन संवंधित  केंद्र 
एक्सीलेंस सेण्टर ऑफ़ टूरिस्ट ट्रेनिंगउदयपुर 
टूरिज्म कन्वेंशन सेण्टर जोधपुर  
इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेरिटेज ऑफ़ कन्वेंशन जयपुर 
  • राजस्थान देश का पहला राज्य है जिसने पर्यटन नीति जारी की है।
  • राजस्थान की पर्यटन नीतियां – 
  1. 2001
  2. 2007
  3. 2015
  4. 9 सितंबर 2020
  5. 4 दिसंबर, 2024 को लागू की गई हालिया नीति

राजस्थान पर्यटन इकाई नीति (आरटीयूपी) -2024  

  • इसका उद्देश्य पर्यटन से जुड़े निवेशकों और उद्यमियों को मिलने वाले लाभों को बढ़ाना और निजी क्षेत्र में नई पर्यटन इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करके रोजगार और उद्यमिता के अवसर प्रदान करना है।
राजस्थान में पर्यटन
  • राजस्थान होटल नीति – 2006

राजस्थान इको टूरिज्म  नीति

  1. फरवरी 2010
  2. 15 जुलाई 2021
  • राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति-2025 का विमोचन 24 दिसंबर 2025 को झुंझुनू से किया गया।
  • नीति के प्रमुख प्रावधान
    • राजस्थान में फीचर फिल्मों, वेब सीरीज, टीवी सीरियल और डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग पर होने वाले कुल खर्च का 30% तक सब्सिडी।
    • फीचर फिल्म: ₹3 करोड़, वेब सीरीज: ₹2 करोड़, टीवी सीरियल: ₹1.5 करोड़, डॉक्यूमेंट्री: ₹2 करोड़
    • सब्सिडी प्राप्त करने के लिए राजस्थान में न्यूनतम व्यय अनिवार्य है: फीचर फिल्म: ₹2 करोड़, वेब सीरीज़, टीवी सीरियल और राजस्थानी भाषा की फिल्में: ₹1 करोड़।
    • राज्य सरकार और केंद्र सरकार के नियंत्रण वाले शूटिंग स्थलों के लिए अनुमति शुल्क/फीस का 100% पुनर्भुगतान (अधिकतम पांच दिनों के लिए) किया जाएगा।
    • राजस्थान में निर्मित फीचर फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त होने पर ₹1 करोड़ तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा, जबकि भारत सरकार के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त करने वाली फिल्मों को ₹50 लाख तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
  • छात्र सहायता: फिल्म और टेलीविजन संस्थान (पुणे), सत्यजीत रे फिल्म और टेलीविजन संस्थान (कोलकाता) और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (दिल्ली) में अध्ययनरत दस राजस्थानी छात्रों को ₹50,000 प्रति वर्ष शिक्षण शुल्क और ₹5,000 का मासिक वजीफा प्रदान किया जाएगा।

पर्यटन संबंधी योजनाएँ

  1. हृदय योजना HRIDAY  – हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एन्ड ऑग्मेंटेशन योजना
  • प्रारम्भ  – 21 जनवरी, 2015
  • अजमेर  (राजस्थान)
  1. प्रसाद योजना PRASHAD  – (पिल्ग्रिमेज रेजुवेनेशन  एन्ड स्पिरिचुअल हेरिटेज ऑग्मेंटेशन ड्राइव) 
  • मार्च – 2015
  • पुष्कर, दरगाह  मोइनुद्दीन चिश्ती – अजमेर (राजस्थान)
  1. वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना:- 
  • इस योजना के तहत राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों की निःशुल्क यात्रा और दर्शन की सुविधा प्रदान की जा रही है।
  1. मेवाड़ कॉम्प्लेक्स योजना
  • राजस्थान में महाराणा प्रताप पर्यटन सर्किट के चल रहे विकास को संदर्भित करती है, जो कि एक राज्य परियोजना है जिसका उद्देश्य महाराणा प्रताप से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों (हल्दीघाटी, गोगुंदा आदि) का विकास करके पर्यटन को बढ़ावा देना है।
  • यूनेस्को के वैश्विक भू-पार्क, एकीकृत भौगोलिक क्षेत्र हैं जहां अंतरराष्ट्रीय भूवैज्ञानिक महत्व के स्थलों और पारिस्थितिक तंत्रों का प्रबंधन संरक्षण, शिक्षा और सतत विकास के समग्र दृष्टिकोण के साथ किया जाता है।
  • पृथ्वी की सामग्रियां और रूपों (खनिज, चट्टानें, जीवाश्म, स्थलाकृति, तलछट, जल और मिट्टी) में पाई जाने वाली विविधता को भू-विविधता कहा जाता है।

ग्लोबल  जियो-पार्क

  • इस अवधारणा की शुरुआत 2001 ईस्वी में हुई थी।
  • यूनेस्को के 48 देशों में 213 वैश्विक भू-पार्क हैं।
  • भारत में अभी तक कोई भी घोषित  जियो-पार्क नहीं है।
  • ‘लम्हेटा घाट’ (मध्य प्रदेश) को भारत का पहला भू-पार्क बनाने का प्रस्ताव है। यह स्थान डायनासोर के जीवाश्मों और प्राचीन चट्टानों के लिए प्रसिद्ध है।
राजस्थान में पर्यटन
  • भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने राजस्थान के 12 स्थलों को ‘भू-विरासत स्थल’ घोषित किया है।
    • सेन्द्रा ग्रेनाइट, पाली
    • बर कॉन्ग्लोमेरेट, पाली
    • स्ट्रोमेंटोलाइट जीवाश्म पार्क, झामरकोटड़ा, उदयपुर ​​
    • राजपुरा-दरीबा खनिज क्षेत्र, उदयपुर में गोस्सण
    • भोजुंदा, चित्तौड़गढ़ के पास स्ट्रोमेटोलाइट पार्क
    • आकल  फॉसिल वुड पार्क, जैसलमेर
    • किशनगढ़ नेफलाइन सायनाइट, अजमेर
    • जोधपुर समूह – मालानी इग्नियस सुइट 
    • वेल्डेड टफ़, जोधपुर
    • बूंदी में ग्रेट बाउंड्री फॉल्ट
    • रामगढ क्रेटर- बारां
    • जावर सीसा-जस्ता खदान, उदयपुर

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