परिवहन तंत्र

परिवहन तंत्र विश्व भूगोल का एक महत्वपूर्ण विषय है, जो विभिन्न स्थानों के बीच लोगों, वस्तुओं और सेवाओं के आवागमन को दर्शाता है। यह आर्थिक विकास, सांस्कृतिक संपर्क और क्षेत्रीय एकीकरण में अहम भूमिका निभाता है। प्रभावी परिवहन तंत्र किसी भी देश की प्रगति और वैश्विक जुड़ाव का आधार होता है।

  • किसी भी भौतिक माध्यम द्वारा वस्तुओं और लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की प्रक्रिया को परिवहन कहा जाता है।
  • किसी राज्य की परिवहन व्यवस्था के क्षेत्रीय स्वरूप को परिवहन तंत्र कहा जाता है।
    • परिवहन के आधुनिक साधनों को सामान्यतः तीन व्यापक वर्गों में विभाजित किया जाता है—
    • स्थल परिवहन (सड़क एवं रेल मार्ग),
    • जल परिवहन
    •  वायु परिवहन
    •  अन्य पाइपलाइन परिवहन (जल, तेल एवं गैस)।
  • स्थल परिवहन
    स्थल परिवहन को मुख्यतः दो भागों में बाँटा जाता है—
    • सड़क परिवहन 
    • रेल परिवहन।
  • सड़कें
    सड़कें सामान्यतः दो प्रकार की होती हैं—
    • कच्ची सड़कें 
    • पक्की सड़कें।

सड़क परिवहन

सड़कों की लंबाई

देशसड़क नेटवर्क की लंबाई 2025 (किलोमीटर में)
संयुक्त राज्य अमेरिका66,45,582
भारत63,60,004
चीन54,36,845
रूस15,79,923
ब्राज़ील15,63,600
ऑस्ट्रेलिया13,22,245
जापान12,31,084
फ्रांस11,18,600
कनाडा10,42,718
जर्मनी8,29,530

विश्व के प्रमुख सड़क मार्ग

राजमार्ग

संयुक्त क्षेत्र / देश

महत्वपूर्ण विवरण

पैन-अमेरिकन राजमार्ग

उत्तरी अमेरिका, मध्य अमेरिका, दक्षिण अमेरिका

  • विश्व का सबसे लंबा राजमार्ग।
  • उत्तर-पश्चिम अलास्का से प्रारंभ होकर ब्रासीलिया (ब्राज़ील) तक जाता है।
  • यह सैंटियागो (चिली) और ब्यूनस आयर्स (अर्जेंटीना) से होकर गुजरता है।

ट्रांस-कैनेडियन राजमार्ग

कनाडा (पूर्व–पश्चिम)

  • सेंट जॉन (न्यूफ़ाउंडलैंड प्रांत) से वैंकूवर (ब्रिटिश कोलंबिया) से होकर गुजरता है।

अलास्का राष्ट्रीय राजमार्ग

कनाडा–संयुक्त राज्य अमेरिका

  • एडमोंटन (कनाडा) से एंकोरेज (अलास्का, USA) से होकर गुजरता है।

स्टुअर्ट राजमार्ग

ऑस्ट्रेलिया (उत्तर–दक्षिण)

  • बर्डम (उत्तर ऑस्ट्रेलिया) से ऊडनाडट्टा (दक्षिण ऑस्ट्रेलिया) — ऐलिस स्प्रिंग्स के माध्यम से होकर गुजरता है। (RBSE के अनुसार)
  • डार्विन (उत्तर) से पोर्ट ऑगस्टा (दक्षिण) — ऐलिस स्प्रिंग्स के माध्यम से होकर गुजरता है।

सड़क परिवहन का क्षेत्रीय वितरण

संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)
  • संयुक्त राज्य अमेरिका में सड़क घनत्व अत्यधिक है, जो लगभग 0.65 किमी प्रति वर्ग किमी है। 
  • लगभग प्रत्येक स्थान 20 किमी के भीतर किसी न किसी राजमार्ग से जुड़ा हुआ है।  
  • अमेरिका में सड़कों की कुल लंबाई लगभग 66 लाख किलोमीटर है, जो विश्व में सर्वाधिक है।
  • सड़कों का सर्वाधिक संकेन्द्रण अमेरिका के पूर्वी भाग में पाया जाता है। 
  • विश्व की कुल सड़क लंबाई का लगभग एक-तिहाई भाग अमेरिका में है। 
  • विश्व के लगभग आधे मोटर वाहन अमेरिका में पाए जाते हैं।
  • पूर्वी क्षेत्र में उच्च स्तर के औद्योगीकरण और नगरीकरण के कारण सघन सड़क परिवहन तंत्र का विकास हुआ है।
अफ्रीका
  • विविध स्थलाकृतियों के कारण सड़क परिवहन का सबसे महत्वपूर्ण साधन हैं। 
  • अनेक क्षेत्रों में रेल मार्ग एवं जलमार्ग सीमित है। 
  • सड़कें मरुस्थलों, पठारों तथा वनाच्छादित क्षेत्रों के बीच संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
यूरोप
  • यूरोप में राजमार्गों का एक सुविकसित एवं सघन नेटवर्क पाया जाता है। 
  • यूरोपीय सड़कों पर बड़ी संख्या में वाहन संचालित होते हैं। 
  • यहाँ सड़क परिवहन को रेलवे एवं जल परिवहन से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।
रूस
  • रूस में यूराल पर्वतों के पश्चिम में स्थित औद्योगिक क्षेत्र में सघन राजमार्ग नेटवर्क पाया जाता है। 
  • मास्को सड़क परिवहन तंत्र की केंद्रीय धुरी के रूप में कार्य करता है। 
  • मास्को–व्लादिवोस्तोक राष्ट्रीय राजमार्ग पूर्वी रूस का महत्वपूर्ण मार्ग है। 
  • विशाल भौगोलिक विस्तार के कारण रूस में सड़क घनत्व रेलवे नेटवर्क की तुलना में कम है। 
  • यहाँ सड़क परिवहन की अपेक्षा रेल परिवहन अधिक प्रभावी एवं प्रमुख भूमिका निभाता है।
चीन
  • चीन में सड़के परिवहन का प्रमुख साधनहैं। 
  • सड़क नेटवर्क का मुख्य विस्तार देश के पूर्वी मैदानी भागों में पाया जाता है। 
  • राजमार्ग प्रमुख नगरों को परस्पर जोड़ते हैं, जिनमें त्सुंगत्सो (वियतनाम सीमा के निकट), शंघाई (मध्य चीन), ग्वांगझोउ (दक्षिण चीन) तथा बीजिंग (उत्तर चीन) प्रमुख हैं। 
  • हाल ही में बना सिचुआन-तिब्बत राजमार्ग चेंगदू (सिचुआन प्रांत) को ल्हासा (तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र) से जोड़ता है। 
भारत
  • भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों का एक व्यापक नेटवर्क विकसित है।
  • मार्च 2025 तक भारत का कुल सड़क नेटवर्क 63 लाख किलोमीटर से अधिक है, जो विश्व में दूसरा सबसे बड़ा है। 
  • राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई बढ़कर 1,46,204 किलोमीटर हो चुकी है।
  • भारत में सड़कों को मुख्यतः 
    • राष्ट्रीय राजमार्ग
    • राज्य राजमार्ग 
    • जिला सड़कें 
  • राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 (NH 44) भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है, जो श्रीनगर (जम्मू एवं कश्मीर) से कन्याकुमारी (तमिलनाडु) तक विस्तृत है।
  • कॉरिडोर योजना के अंतर्गत 
    • पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर: सिलचर (असम) से पोरबंदर (गुजरात)
    • उत्तर–दक्षिण कॉरिडोर: कश्मीर से कन्याकुमारी
  • देश में छह लेन, आठ लेन राजमार्गों तथा ग्रीन कॉरिडोर राजमार्गों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। 
  • राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण एवं रखरखाव का कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है।
सीमावर्ती सड़कें
  • अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के साथ निर्मित सड़कों को सीमावर्ती सड़कें कहा जाता है।

रेल परिवहन

  • ग्लैंड में वर्ष 1769 में जेम्स वाट ने इंजन का आविष्कार किया तथा 1814 में जॉर्ज स्टीफेंसन ने पहली बार भाप इंजन का विकास किया।
  • 27 सितंबर 1825 को विश्व की पहली रेलगाड़ी इंग्लैंड में स्टॉकटन (उत्तरी इंग्लैंड) से डार्लिंगटन के बीच चली।
  • विभिन्न देशों में रेल पटरियों की चौड़ाई (गेज) भिन्न–भिन्न होती है।
  • सामान्यतः इन्हें ब्रॉड गेज (1.5 मीटर से अधिक), मीटर गेज (1 मीटर) एवं नैरो गेज में वर्गीकृत किया जाता है।
  • भारत में रेल परिवहन 1853 में मुंबई से ठाणे (34 किमी) के बीच प्रारंभ हुआ।
  • भारतीय रेल में गेज के प्रकार :
    • ब्रॉड गेज (चौड़ाई 1.676 मीटर)
    • मीटर गेज (चौड़ाई 1 मीटर)
    • नैरो गेज (0.762 मीटर)
    • लाइट गेज (0.610 मीटर)
  • विश्व में स्टैंडर्ड गेज (जिसे स्टीफेंसन गेज भी कहा जाता है) की चौड़ाई 1.44 मीटर है, जिसका उपयोग ब्रिटेन में किया जाता है।
रेलवे घनत्व (प्रति 1000 वर्ग किलोमीटर में संचालित रेलमार्ग)
स्थानदेशघनत्व
1.स्विट्जरलैंड128.8
2.चेकिया120.6
3.बेल्जियम118.9

कुल रेलमार्ग की लंबाई (किमी)

देशकुल रेलमार्ग की लंबाई (किलोमीटर में)
संयुक्त राज्य अमेरिका2,20,044
चीन1,59,000
रूस1,05,000
भारत65,554
कनाडा49,422
जर्मनी39,379
ऑस्ट्रेलिया36,064
ब्राज़ील29,850
फ्रांस27,860
जापान27,311

रेल परिवहन का क्षेत्रीय वितरण

महाद्वीप

रेल नेटवर्क से संबंधित प्रमुख बिंदु

यूरोप

  • विश्व का सबसे सघन रेल नेटवर्क (लगभग 1.21 लाख किमी रेलमार्ग)
  • अधिकांश मार्ग दोहरी या बहु-पटरी वाले
  • औद्योगिक क्षेत्रों में उच्च रेल घनत्व
  • प्रमुख रेल केंद्र –लंदन, पेरिस, ब्रुसेल्स, मिलान, बर्लिन, वारसॉ
  • यूरो टनल लंदन को पेरिस से जोड़ता है
  • यात्रियों की अपेक्षा लंबी दूरी के माल परिवहन में अधिक उपयोगी

रूस 

  • यूराल पर्वत के पश्चिमी भाग में सघन रेल नेटवर्क
  • रेल मार्गों के आधार पर रूस का विश्व में तीसरा स्थान 

एशिया

  •  चीन, जापान एवं भारत में घनी आबादी के कारण उच्च रेल घनत्व
  • मरुस्थलों एवं विरल जनसंख्या वाले क्षेत्रों में न्यूनतम रेल विकास
  • रेल लंबाई के आधार पर भारत विश्व में चौथे एवं एशिया में तीसरे स्थान पर
  • भारत की कुल रेल लंबाई: 65,554 किमी
  • भारत के उत्तरी मैदानों में सबसे सघन रेल नेटवर्क, प्रायद्वीपीय पठार क्षेत्र में तुलनात्मक रूप से कम

उत्तरी अमेरिका

  • विश्व का सबसे विस्तृत रेल नेटवर्क; वैश्विक रेलमार्गों का लगभग 40%
  • पूर्व-मध्य USA एवं कनाडा के समीपवर्ती औद्योगिक क्षेत्रों में सघन रेल नेटवर्क
  • मुख्यतः लंबी दूरी के माल परिवहन के लिए उपयोगी
  • कनाडा में रेलमार्ग सार्वजनिक क्षेत्र में
  • कनाडा के दो अंतर-महाद्वीपीय मार्ग:
    • कैनेडियन पैसिफिक रेलवे: हैलिफ़ैक्स – मॉन्ट्रियल – विनिपेग – वैंकूवर
    • कैनेडियन नेशनल रेलवे: क्यूबेक – विनिपेग – एडमोंटन – प्रिंस जॉर्ज – प्रिंस रूपर्ट
  • अंतर-महाद्वीपीय मार्गों द्वारा अधिकतम गेहूँ एवं कोयले का परिवहन

दक्षिण अमेरिका

  • अर्जेंटीना के पम्पास एवं ब्राज़ील के कॉफी उत्पादक क्षेत्रों में सघन रेलमार्ग
  • दक्षिण अमेरिका के लगभग 40% रेलमार्ग इन्हीं दो क्षेत्रों में स्थित
  • चिली में तटीय केंद्रों को आंतरिक खनन क्षेत्रों से जोड़ने वाला रेल नेटवर्क
  • पेरू, बोलीविया, इक्वाडोर, कोलंबिया एवं वेनेजुएला में छोटे एकल-लाइन रेलमार्ग
  • एंडीज पर्वतमाला में उसपल्लाता दर्रे (3900 मीटर) से होकर गुजरने वाला एकमात्र अंतर-महाद्वीपीय रेलमार्ग
  • यह मार्ग ब्यूनस आयर्स (अर्जेंटीना) को वालपराइसो (चिली) से जोड़ता है

अफ्रीका

  • द्वितीय सबसे बड़ा महाद्वीप होने के बावजूद कुल रेल लंबाई लगभग 40,000 किमी
  • खनन गतिविधियों के कारण लगभग 31,000 किमी रेलमार्ग दक्षिण अफ्रीका में
  • बेंगुएला रेलवे अंगोला को कतांगा–जांबिया तांबा क्षेत्र से जोड़ता है
  • तंज़ानिया रेलवे जांबिया तांबा क्षेत्र को दार-एस-सलाम बंदरगाह से जोड़ता है
  • ब्लू ट्रेन केपटाउन से प्रिटोरिया (दक्षिण अफ्रीका) तक संचालित

ऑस्ट्रेलिया

  • रेलमार्ग मुख्यतः दक्षिण–पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में केंद्रित
  • कुल रेल लंबाई लगभग 36 हजार किमी
  • लगभग 25% रेलमार्ग केवल न्यू साउथ वेल्स में
  • पश्चिम–पूर्व ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय रेलमार्ग पर्थ को सिडनी से जोड़ता है
  • प्रमुख बंदरगाह पर्थ, मेलबर्न एवं सिडनी अपने आंतरिक क्षेत्रों से रेलमार्ग द्वारा जुड़े हुए

दुनिया के प्रमुख रेल मार्ग

रेलवे मार्ग

मार्ग एवं प्रमुख केंद्र

विशेषताएँ

ट्रांस-साइबेरियन रेलमार्ग (एशिया–यूरोप, रूस – 9,560 किमी)

लेनिनग्राद (सेंट पीटर्सबर्ग) → मॉस्को → तुला → कुइबिशेव (वोल्गा नदी) → उफ़ा (यूराल क्षेत्र) → विलियाबिन्स्क → ओम्स्क (स्टेपी क्षेत्र) → चीता → व्लादिवोस्तोक

  • विश्व का सबसे लंबा रेलमार्ग
  • पूर्वी रूस को पश्चिमी रूस तथा रूस को पश्चिमी यूरोपीय बाजारों से जोड़ता है
  • यूराल पर्वतों को पार करता है
  • साइबेरिया के आर्थिक विकास की रीढ़
  • दोहरी-पटरी विद्युतीकृत रेलमार्ग

कैनेडियन पैसिफिक रेलमार्ग (उत्तर अमेरिका, कनाडा – 7,050 किमी)

अटलांटिक तट → क्यूबेक → मॉन्ट्रियल → प्रशांत तट

  • 1886 में निर्मित
  • प्रमुख पूर्व–पश्चिम परिवहन गलियारा

उत्तरी अंतर-महाद्वीपीय रेलमार्ग (उत्तर अमेरिका, USA – 6,100 किमी)

न्यूयॉर्क → पिट्सबर्ग → शिकागो → शिकागो–गैरी औद्योगिक क्षेत्र (मिशिगन झील) → बिस्मार्क (प्रेयरी क्षेत्र, सेंट पॉल) → रॉकी पर्वतीय दर्रे एवं सुरंगें → सिएटल

  • अमेरिका का सबसे लंबा रेल मार्ग
  • उत्तर-पूर्वी औद्योगिक बेल्ट को उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र से जोड़ता है
  • अनाज, लोहा–इस्पात, मशीनरी, लकड़ी एवं मांस का परिवहन

मध्य अंतर-महाद्वीपीय रेलमार्ग (उत्तर अमेरिका, USA)

न्यूयॉर्क → शिकागो → ओमाहा (मिसौरी नदी) → प्लैट नदी घाटी → चेनी सिटी → साल्ट लेक सिटी (इन्स पास, रॉकी पर्वत) → सैक्रामेंटो → सैन फ्रांसिस्को

  • मिसौरी बेसिन, रॉकी पर्वत एवं कैलिफोर्निया घाटी से होकर गुजरता है
  • प्रमुख पूर्व–पश्चिम व्यापार मार्ग

दक्षिणी अंतर-महाद्वीपीय रेलमार्ग (उत्तर अमेरिका, USA)

न्यूयॉर्क → न्यू ऑरलियन्स → लॉस एंजेलिस

  • प्रमुख औद्योगिक बेल्ट से होकर गुजरता है
  • अटलांटिक तट को प्रशांत तट से जोड़ता है

ऑस्ट्रेलियाई अंतर-महाद्वीपीय रेलमार्ग (ऑस्ट्रेलिया)

सिडनी → ग्रेट डिवाइडिंग रेंज → ब्रोकन हिल (डार्लिंग नदी) → पीटरबरो → पोर्ट पिरी → पोर्ट ऑगस्टा → कालगूर्ली → कुलगार्डी → पर्थ

  • पूर्व–पश्चिम रेल कॉरिडोर
  • ग्रेट डिवाइडिंग रेंज को पार करता है
  • गेज में विविधता पाई जाती हैखनन नगरों एवं बंदरगाहों को जोड़ता है

ओरिएंट एक्सप्रेस रेलमार्ग (यूरोप)

पेरिस → स्ट्रासबर्ग → म्यूनिख → वियना → बुडापेस्ट → बेलग्रेड → इस्तांबुल

  • महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय यूरोपीय रेलमार्ग
  • पनीर, सूअर मांस, जई, मदिरा, फल एवं मशीनरी का परिवहन

एशियाई रेलमार्ग – प्रस्तावित (एशिया)

इस्तांबुल → ईरान → पाकिस्तान → भारत → बांग्लादेश → म्यांमार → बैंकॉक

  • यूरोप को दक्षिण–पूर्व एशिया से जोड़ने हेतु प्रस्तावित रेल मार्ग

केप–काहिरा रेलमार्ग – प्रस्तावित (अफ्रीका – 14,000 किमी)

काहिरा → सूडान → मध्य अफ्रीका (लुप्त कड़ी) → जिम्बाब्वे → प्रिटोरिया → किम्बर्ली (स्वर्ण खदान) → केपटाउन

  • उत्तर एवं दक्षिण अफ्रीका को एकीकृत करने का उद्देश्य
  • केवल उत्तरी एवं दक्षिणी खंड पूर्णमध्य भाग वन, पर्वत एवं पिछड़ेपन के कारण अविकसित
ट्रांस–साइबेरियन रेलवे
परिवहन तंत्र
ट्रांस–कनाडियन रेल मार्ग
संयुक्त राज्य अमेरिका का अंतरमहाद्वीपीय रेल मार्ग
परिवहन तंत्र
ऑस्ट्रेलियाई अंतरमहाद्वीपीय रेल मार्ग
परिवहन तंत्र
केप–काहिरा रेल मार्ग
परिवहन तंत्र

जल परिवहन

  • जल परिवहन सभी परिवहन साधनों में सबसे सस्ता तथा सर्वाधिक आसानी से उपलब्ध संसाधन है। 
  • जलमार्ग नदियों, झीलों, नहरों एवं महासागरों से होकर गुजरते हैं। 
  • इसका उपयोग मुख्यतः सस्ते एवं भारी वस्तुओं जैसे कोयला, लौह अयस्क, लौह–इस्पात, सीमेंट, अनाज आदि के परिवहन के लिए किया जाता है।
  • जल परिवहन को सामान्यतः दो भागों में विभाजित किया जाता है—
    • आंतरिक जलमार्ग
    • समुद्री (महासागरीय) जलमार्ग।
  • आंतरिक जलमार्ग महाद्वीपीय या स्थलीय क्षेत्रों की नदियों एवं झीलों से होकर गुजरते हैं। 
  • जिन नदियों एवं झीलों में ग्रीष्म ऋतु में जल सूख जाता है या शीत ऋतु में जल जम जाता है, वहाँ केवल मौसमी परिवहन ही संभव होता है।
  • आंतरिक जल परिवहन उन क्षेत्रों में अधिक विकसित होता है जहां बड़ी नदियाँ पर्याप्त एवं नियमित जल प्रवाह के साथ वर्ष भर बहती हैं। 
  • विश्व के प्रमुख आंतरिक जलमार्ग बड़े एवं बारहमासी नदियों वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

विश्व के प्रमुख आंतरिक जलमार्ग

महाद्वीप

विवरण 

यूरोप

  • प्रमुख नदियां / जलमार्ग: 
    • उत्तर की ओर बहने वाली नदियाँ: राइन, सीन, पो
    • दक्षिण की ओर बहने वाली नदियाँ: डेन्यूब, डॉन, नीपर, नीस्तर
    • कैस्पियन सागर में गिरने वाली नदी: वोल्गा
  • नौगम्यता एवं विस्तार: अटलांटिक महासागर, भूमध्य सागर एवं कैस्पियन सागर की ओर बहने वाली व्यापक रूप से नौगम्य नदियाँ
  • राइन–रोन जलमार्ग अत्यधिक नौगम्य
  • महत्त्व: विश्व के सर्वाधिक विकसित आंतरिक जलमार्ग 
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार को समर्थन
  • विस्तृत नहर नेटवर्क
  • राइन–रोन जलमार्ग पश्चिमी यूरोप के औद्योगिक एवं कोयला क्षेत्रों से होकर गुजरने वाला सर्वाधिक उपयोगी आंतरिक जलमार्ग है।

उत्तरी अमेरिका

  • प्रमुख नदियां / जलमार्ग: 
  • USA में: ग्रेट लेक्स (सुपीरियर, मिशिगन, ह्यूरॉन, ईरी, ओंटारियो), मिसिसिपी, मिसौरी, ओहायो। 
  • कनाडा में: सस्केचेवान, मैकेंज़ी, ओटावा। 
  • नौगम्यता एवं विस्तार: ग्रेट लेक्स पूर्णतः नौगम्य, मिसिसिपी तंत्र नौगम्य, सस्केचेवान, मैकेंज़ी एवं ओटावा मौसमी रूप से नौगम्य। 
  • महत्व: अमेरिका एवं कनाडा के बीच महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग
  • जहाज सेंट लॉरेंस नदी के मुहाने तक संचालित
  • नदियाँ प्रमुख औद्योगिक नगरों को जोड़ती हैं
  • सर्दियों में जमाव के कारण परिवहन बाधित

एशिया

  • प्रमुख नदियां  / जलमार्ग:  
  • चीन में: ह्वांग-हो, यांग्त्से-क्यांग, सिक्यांग
  • दक्षिण–पूर्व एशिया में: इरावदी, मेनम, सिक्यांग
  • नौगम्यता एवं विस्तार: ह्वांग-हो मुहाने से लगभग 200 किमी तक नौगम्य
  • यांग्त्से-क्यांग शंघाई से क्वे-क्यांग तक नौगम्य
  • सिक्यांग तुलनात्मक रूप से अधिक नौगम्य
  • दक्षिण–पूर्व एशिया की नदियाँ कम दूरी तक नौगम्य
  • महत्त्व: यांग्त्से-क्यांग चीन का सबसे महत्वपूर्ण आंतरिक जलमार्ग
  • अनेक क्षेत्रों में सीमित नौगम्यता
  • दक्षिण–पूर्व एशिया में व्यापार में आंतरिक जलमार्गों का कम महत्व

दक्षिण अमेरिका

  • प्रमुख नदियां / जलमार्ग:
  • अमेज़न एवं इसकी सहायक नदियाँ, पराना, पराग्वे, प्लाटा। 
  •  नौगम्यता एवं विस्तार: अमेज़न तंत्र लगभग 30,000 किमी लंबा जलमार्ग प्रदान करता है
  • पराना–पराग्वे–प्लाटा तंत्र मुहाने से लगभग 1500 किमी तक नौगम्य
  • महत्त्व: विश्व का सबसे बड़ा आंतरिक जलमार्ग नेटवर्क
  • दक्षिणी ब्राजील, अर्जेंटीना एवं उरुग्वे के लिए महत्वपूर्ण

अफ्रीका

  • प्रमुख नदियां / जलमार्ग:
  • नील, कांगो, नाइजर। 
  • नौगम्यता एवं विस्तार: नील मुख्यतः मुहाने के समीप नौगम्य
  • कांगो एवं नाइजर लगभग 1100 किमी भीतर तक नौगम्य
  • महत्त्व: आंतरिक नौवहन सीमित
  • कांगो एवं नाइजर महत्वपूर्ण आंतरिक परिवहन मार्ग

ऑस्ट्रेलिया

  • प्रमुख नदियां / जलमार्ग:
  • मरे, डार्लिंग
  • नौगम्यता एवं विस्तार: मरे एवं डार्लिंग मुहाने से लगभग 1500 किमी तक नौगम्य
  • अन्य नदियां नौगम्य नहीं
  • महत्त्व: ऑस्ट्रेलिया की एकमात्र प्रमुख नौगम्य नदियाँ
  • आंतरिक जल परिवहन अत्यंत सीमित
राइन जलमार्ग

दुनिया के प्रमुख समुद्री जलमार्ग

स्वेज नहर मार्ग
पनामा नहर मार्ग

महासागरीय जलमार्ग

जुड़े हुए क्षेत्र / मार्ग

प्रमुख विशेषताएँ / महत्व

उत्तरी अटलांटिक मार्ग

पश्चिमी यूरोप ↔ उत्तरी अमेरिका (संयुक्त राज्य अमेरिका एवं कनाडा)

  • विश्व का सबसे व्यस्त महासागरीय जलमार्ग
  • विश्व के अंतरराष्ट्रीय व्यापार का लगभग 1/4 भाग वहन करता है
  • विश्व के लगभग 25% जहाज इसी मार्ग से गुजरते हैं
  • विश्व के 50 प्रमुख समुद्री बंदरगाहों में से 30 इसी मार्ग पर स्थित हैं

भूमध्य सागर–हिंद महासागर जलमार्ग

पश्चिमी यूरोप ↔ पूर्वी अफ्रीका ↔ दक्षिण एशिया ↔ ऑस्ट्रेलिया ↔ न्यूज़ीलैंड

  • विश्व का सबसे लंबा व्यापारिक जलमार्ग
  • विश्व की लगभग 70% जनसंख्या को सेवा प्रदान करता है 
  • प्राचीन हार्टलैंड क्षेत्र से होकर गुजरता है
  • प्रमुख बंदरगाह—पोर्ट सईद, अदन, मुंबई, कोच्चि, कोलंबो, एडिलेड

केप ऑफ गुड होप मार्ग

पश्चिमी यूरोप एवं पश्चिमी अफ्रीका ↔ दक्षिण अमेरिका

  • महत्वपूर्ण अटलांटिक मार्ग
  • उत्तरी अटलांटिक मार्ग की तुलना में कम यातायात
  • जहाज केप वर्डे द्वीप समूह से होकर केप टाउन बंदरगाह तक जाते हैं
  • आगे ऑस्ट्रेलिया एवं न्यूजीलैंड से जुड़ता है

दक्षिणी अटलांटिक जलमार्ग

पूर्वी दक्षिण अमेरिका ↔ अफ्रीका ↔ एशिया ↔ ऑस्ट्रेलिया

  • निर्यात—गेहूँ, मक्का, लकड़ी, चमड़ा, मांस, कॉफी, कपास, तंबाकू, चीनी, मशीनरी, लौह–इस्पात, खनिज
  • प्रमुख बंदरगाह—रियो डी जेनेरियो, सैंटियागो, ब्यूनस आयर्स, बाहिया ब्लांका

कैरेबियन सागर जलमार्ग

कैरेबियन देश ↔ मेक्सिको की खाड़ी ↔ संयुक्त राज्य अमेरिका

  • कम दूरी का जलमार्ग
  • कैरेबियन सागर और मेक्सिको की खाड़ी को जोड़ता है
  • प्रमुख निर्यात—चीनी, नारियल, कॉफी, केला, पेट्रोलियम, लौह अयस्क, बॉक्साइट
  • पनामा नहर द्वारा जुड़ा हुआ

प्रशांत महासागर जलमार्ग

अमेरिका ↔ पूर्व एवं दक्षिण–पूर्व एशिया ↔ ऑस्ट्रेलिया एवं न्यूजीलैंड

  • 12% क्षेत्र में विस्तृत, परंतु व्यापार अपेक्षाकृत कम
  • मुख्य मार्ग उत्तरी प्रशांत महासागर के मध्य में होनोलूलू (हवाई) से होकर गुजरता है
  • यह जलमार्ग दो भागों में विभाजित:
  • उत्तरी मार्ग: जापान, चीन, फिलीपींस, इंडोनेशिया की ओर
  • दक्षिणी मार्ग: ऑस्ट्रेलिया एवं न्यूजीलैंड की ओर

स्वेज नहर मार्ग

भूमध्य सागर ↔ लाल सागर ↔ हिंद महासागर

  • मिस्र में कृत्रिम नहर
  • लंबाई: 162 किमी
  • उद्घाटन: 1869
  • राष्ट्रीयकरण: 1956
  • लिवरपूल–कोलंबो के बीच 1600 किमी दूरी की बचत
  • प्रतिदिन लगभग 100 जहाज संचालित

पनामा नहर मार्ग

अटलांटिक महासागर ↔ प्रशांत महासागर

  • 82 किमी लंबी नहर
  • उद्घाटन: 15 अगस्त 1914
  • लॉक प्रणाली का उपयोग (गैटुन, पेड्रो मिगुएल, मिराफ्लोरेस)
  • न्यूयॉर्क–सैन फ्रांसिस्को के बीच 13,000 किमी की दूरी कम तय करनी पड़ती है 
  • दक्षिण अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण

हवाई परिवहन

दुनिया के प्रमुख समुद्री और हवाई मार्ग

वायु मार्ग का प्रकार

विवरण / उदाहरण

अंतर-महाद्वीपीय वैश्विक वायुमार्ग

  • सबसे लंबी दूरी की हवाई यात्राओं के लिए प्रयुक्त मार्ग। 
  • उदाहरण—(i)न्यूयॉर्क – लंदन – पेरिस – रोम – काहिरा – दिल्ली – मुंबई – कोलकाता – हांगकांग – टोक्यो वायुमार्ग: सबसे लम्बा वायुमार्ग
  • (ii)न्यूयॉर्क – सैन फ्रांसिस्को – होनोलूलू – हांगकांग – एडिलेड – पर्थ मार्ग: प्रशांत महासागर को पार करता है

महाद्वीपीय वायुमार्ग

  • एक ही महाद्वीप के विभिन्न देशों के बीच वायुमार्ग, जैसे:
  • न्यूयॉर्क – शिकागो – मॉन्ट्रियल मार्ग
  • लंदन – पेरिस – फ्रैंकफर्ट – प्राग – वारसॉ मार्ग
  • लंदन – फ्रैंकफर्ट – वारसॉ – मॉस्को वायुमार्ग
  • दिल्ली – कोलकाता – हांगकांग – टोक्यो मार्ग

राष्ट्रीय वायु मार्ग

  • किसी देश के भीतर लंबी दूरी की यात्राओं हेतु उपयोग, उदाहरण:
  • न्यूयॉर्क–शिकागो–सैन फ्रांसिस्को
  • लेनिनग्राद–मॉस्को
  • दिल्ली–कानपुर–पटना–कोलकाता

क्षेत्रीय वायु मार्ग

  • किसी क्षेत्र के भीतर कम दूरी की यात्राएँ समय बचाने हेतु वायु मार्ग से की जाती हैं
  • ऐसे क्षेत्रीय वायुमार्ग अमेरिका, रूस, जर्मनी, ब्रिटेन, जापान, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया जैसे समृद्ध देशों में विकसित
  • इनका उपयोग निरंतर बढ़ रहा है

स्थानीय वायु मार्ग

  • स्थानीय वायु यात्रा सामान्यतः हेलीकॉप्टर के माध्यम से की जाती है।

विशेष / आधिकारिक वायु मार्ग

  • राष्ट्राध्यक्षों, प्रशासकों, सैन्य अधिकारियों तथा युद्ध, कूटनीतिक एवं राजनीतिक महत्व से संबंधित यात्राएँ विभिन्न प्रकार के हवाई जहाज़ों एवं हेलीकॉप्टरों द्वारा की जाती हैं।

दुनिया के प्रमुख हवाई अड्डे

महाद्वीपप्रमुख हवाई अड्डे 
उत्तरी अमेरिकान्यूयॉर्क, न्यू ऑरलियन्स, शिकागो, सैन फ्रांसिस्को, लॉस एंजेलिस (संयुक्त राज्य अमेरिका); मॉन्ट्रियल, ओटावा (कनाडा); मेक्सिको सिटी
दक्षिण अमेरिकारियो डी जेनेरियो, ब्यूनस आयर्स, सैंटियागो आदि
यूरोपलंदन, पेरिस, बर्लिन, रोम, मॉस्को आदि
एशियाटोक्यो, शंघाई, बीजिंग, बैंकॉक, सिंगापुर, जकार्ता, रंगून, कोलकाता, मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कराची, कोलंबो आदि
अफ्रीकाकेपटाउन, अदीस अबाबा, नैरोबी, काहिरा आदि
ऑस्ट्रेलियासिडनी, मेलबर्न, पर्थ, कैनबरा आदि

पाइपलाइन परिवहन

  • पाइपलाइन परिवहन, परिवहन के सबसे आधुनिक साधनों में से एक है। 
  • पाइपलाइनों के माध्यम से कच्चा तेल रिफाइनरियों तक पहुँचाया जाता है तथा परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पाद उपभोक्ता केंद्रों तक भेजे जाते हैं। 
  • प्राकृतिक गैस का परिवहन भी पाइपलाइनों द्वारा किया जाता है।
  • विश्व में पाइपलाइनों का सर्वाधिक घनत्व यूरोप एवं मध्य-पूर्व देशों में पाया जाता है। 
  • पाइपलाइन परिवहन से जल, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस जैसे द्रव तथा गैसीय पदार्थों का निर्बाध एवं सतत प्रवाह सुनिश्चित होता है। 
  • विश्व के अनेक भागों में घरेलू गैस एवं एल.पी.जी. की आपूर्ति पाइपलाइनों द्वारा की जाती है।
  • न्यूज़ीलैंड में दूध को खेतों से कारखानों तक पाइपलाइनों के माध्यम से भेजा जाता है। 
  • संयुक्त राज्य अमेरिका में तेल उत्पादक क्षेत्रों और उपभोक्ता केंद्रों के बीच तेल पाइपलाइनों का सघन जाल विकसित है।
  • पाइपलाइनों का उपयोग तेल कुओं को रिफाइनरियों, बंदरगाहों एवं घरेलू बाजारों से जोड़ने के लिए किया जाता है।
  • मध्य एशिया के तुर्कमेनिस्तान से ईरान तथा चीन के कुछ बंदरगाहों तक पाइपलाइनों का विस्तार किया गया है। 
  • प्रस्तावित ईरान–भारत गैस पाइपलाइन (पाकिस्तान के मार्ग से) विश्व की सबसे लंबी अंतर्राष्ट्रीय तेल एवं प्राकृतिक गैस पाइपलाइन होगी।

विश्व की प्रमुख पाइपलाइनें

पाइपलाइन का नाम

विवरण

बिग इंच पाइपलाइन

  • इस पाइपलाइन के माध्यम से संयुक्त राज्य अमेरिका की मेक्सिको की खाड़ी के तटीय तेल कुओं से तेल को अमेरिका के उत्तर–पूर्वी राज्यों तक पहुँचाया जाता है।

टीएपी लाइन (ट्रांस–अरेबियन प्रायद्वीप पाइपलाइन)

  • यह पाइपलाइन फारस की खाड़ी के निकट स्थित तेल कुओं को सिडोन से जोड़ती है।
  • इसकी कुल लंबाई 1600 किलोमीटर से अधिक है।

टीएपी पाइपलाइन (ट्रांस एड्रियाटिक पाइपलाइन)

  • अज़रबैजान के शाह डेनिज–II गैस क्षेत्र से यूरोप तक गैस का परिवहन
  • मार्ग: अज़रबैजान → जॉर्जिया → तुर्की → ग्रीस → अल्बानिया → एड्रियाटिक सागर → इटली
  • कुल लंबाई: लगभग 878 किमी (स्थलीय + अपतटीय)
  • 2020 से संचालित

कोमेकॉन पाइपलाइन

  • यह पाइपलाइन पूर्व सोवियत संघ (यू.एस.एस.आर.) में स्थित थी। 
  • इसके द्वारा वोल्गा एवं यूराल तेल क्षेत्रों से तेल को पूर्वी यूरोप के देशों तक पहुँचाया जाता था।

ओ.आई.एल. पाइपलाइन

  • यह 1157 किलोमीटर लंबी, एशिया की पहली पाइपलाइन थी, जो नाहरकटिया तेल क्षेत्र (असम) से बरौनी तेल शोधन संयंत्र तक जाती है। 
  • इसका निर्माण ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) द्वारा किया गया। 
  • इसे 1966 में कानपुर तक विस्तारित किया गया।

एच.वी.जे. पाइपलाइन

  • पश्चिमी भारत में विस्तृत पाइपलाइन नेटवर्क, जिसमें अंकलेश्वर–कोयली, मुंबई हाई–कोहली तथा हजीरा–विजयपुर–जगदीशपुर (HVJ) शामिल हैं। 
  • हाल ही में सलाया (गुजरात) से मथुरा (उत्तर प्रदेश) तक 1256 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का निर्माण किया गया है।

TAPI पाइपलाइन (निर्माणाधीन)

  • तुर्कमेनिस्तान–अफगानिस्तान–पाकिस्तान–भारत (TAPI)
  • गैस पाइपलाइन परियोजना का उद्घाटन 3 दिसंबर 2015 को मारी (तुर्कमेनिस्तान) में किया गया।
  • इसकी कुल लंबाई 1814 किलोमीटर है, जो गाल्किनिश (तुर्कमेनिस्तान) से फाजिल्का (भारत) तक जाती है, जिसमें कंधार (अफगानिस्तान – 774 किमी) एवं मुल्तान (पाकिस्तान – 826 किमी) शामिल हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

error: Content is protected !!
Scroll to Top
Telegram WhatsApp Chat