परिवहन तंत्र विश्व भूगोल का एक महत्वपूर्ण विषय है, जो विभिन्न स्थानों के बीच लोगों, वस्तुओं और सेवाओं के आवागमन को दर्शाता है। यह आर्थिक विकास, सांस्कृतिक संपर्क और क्षेत्रीय एकीकरण में अहम भूमिका निभाता है। प्रभावी परिवहन तंत्र किसी भी देश की प्रगति और वैश्विक जुड़ाव का आधार होता है।
परिवहन के प्रकार एवं वैश्विक वितरण
- किसी भी भौतिक माध्यम द्वारा वस्तुओं और लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की प्रक्रिया को परिवहन कहा जाता है।
- किसी राज्य की परिवहन व्यवस्था के क्षेत्रीय स्वरूप को परिवहन तंत्र कहा जाता है।
- परिवहन के आधुनिक साधनों को सामान्यतः तीन व्यापक वर्गों में विभाजित किया जाता है—
- स्थल परिवहन (सड़क एवं रेल मार्ग),
- जल परिवहन
- वायु परिवहन
- अन्य पाइपलाइन परिवहन (जल, तेल एवं गैस)।
- स्थल परिवहन
स्थल परिवहन को मुख्यतः दो भागों में बाँटा जाता है—- सड़क परिवहन
- रेल परिवहन।
- सड़कें
सड़कें सामान्यतः दो प्रकार की होती हैं—- कच्ची सड़कें
- पक्की सड़कें।
सड़क परिवहन
सड़कों की लंबाई
| देश | सड़क नेटवर्क की लंबाई 2025 (किलोमीटर में) |
| संयुक्त राज्य अमेरिका | 66,45,582 |
| भारत | 63,60,004 |
| चीन | 54,36,845 |
| रूस | 15,79,923 |
| ब्राज़ील | 15,63,600 |
| ऑस्ट्रेलिया | 13,22,245 |
| जापान | 12,31,084 |
| फ्रांस | 11,18,600 |
| कनाडा | 10,42,718 |
| जर्मनी | 8,29,530 |
विश्व के प्रमुख सड़क मार्ग
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राजमार्ग |
संयुक्त क्षेत्र / देश |
महत्वपूर्ण विवरण |
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पैन-अमेरिकन राजमार्ग |
उत्तरी अमेरिका, मध्य अमेरिका, दक्षिण अमेरिका |
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ट्रांस-कैनेडियन राजमार्ग |
कनाडा (पूर्व–पश्चिम) |
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अलास्का राष्ट्रीय राजमार्ग |
कनाडा–संयुक्त राज्य अमेरिका |
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स्टुअर्ट राजमार्ग |
ऑस्ट्रेलिया (उत्तर–दक्षिण) |
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सड़क परिवहन का क्षेत्रीय वितरण
संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)
- संयुक्त राज्य अमेरिका में सड़क घनत्व अत्यधिक है, जो लगभग 0.65 किमी प्रति वर्ग किमी है।
- लगभग प्रत्येक स्थान 20 किमी के भीतर किसी न किसी राजमार्ग से जुड़ा हुआ है।
- अमेरिका में सड़कों की कुल लंबाई लगभग 66 लाख किलोमीटर है, जो विश्व में सर्वाधिक है।
- सड़कों का सर्वाधिक संकेन्द्रण अमेरिका के पूर्वी भाग में पाया जाता है।
- विश्व की कुल सड़क लंबाई का लगभग एक-तिहाई भाग अमेरिका में है।
- विश्व के लगभग आधे मोटर वाहन अमेरिका में पाए जाते हैं।
- पूर्वी क्षेत्र में उच्च स्तर के औद्योगीकरण और नगरीकरण के कारण सघन सड़क परिवहन तंत्र का विकास हुआ है।
अफ्रीका
- विविध स्थलाकृतियों के कारण सड़क परिवहन का सबसे महत्वपूर्ण साधन हैं।
- अनेक क्षेत्रों में रेल मार्ग एवं जलमार्ग सीमित है।
- सड़कें मरुस्थलों, पठारों तथा वनाच्छादित क्षेत्रों के बीच संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
यूरोप
- यूरोप में राजमार्गों का एक सुविकसित एवं सघन नेटवर्क पाया जाता है।
- यूरोपीय सड़कों पर बड़ी संख्या में वाहन संचालित होते हैं।
- यहाँ सड़क परिवहन को रेलवे एवं जल परिवहन से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।
रूस
- रूस में यूराल पर्वतों के पश्चिम में स्थित औद्योगिक क्षेत्र में सघन राजमार्ग नेटवर्क पाया जाता है।
- मास्को सड़क परिवहन तंत्र की केंद्रीय धुरी के रूप में कार्य करता है।
- मास्को–व्लादिवोस्तोक राष्ट्रीय राजमार्ग पूर्वी रूस का महत्वपूर्ण मार्ग है।
- विशाल भौगोलिक विस्तार के कारण रूस में सड़क घनत्व रेलवे नेटवर्क की तुलना में कम है।
- यहाँ सड़क परिवहन की अपेक्षा रेल परिवहन अधिक प्रभावी एवं प्रमुख भूमिका निभाता है।
चीन
- चीन में सड़के परिवहन का प्रमुख साधनहैं।
- सड़क नेटवर्क का मुख्य विस्तार देश के पूर्वी मैदानी भागों में पाया जाता है।
- राजमार्ग प्रमुख नगरों को परस्पर जोड़ते हैं, जिनमें त्सुंगत्सो (वियतनाम सीमा के निकट), शंघाई (मध्य चीन), ग्वांगझोउ (दक्षिण चीन) तथा बीजिंग (उत्तर चीन) प्रमुख हैं।
- हाल ही में बना सिचुआन-तिब्बत राजमार्ग चेंगदू (सिचुआन प्रांत) को ल्हासा (तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र) से जोड़ता है।
भारत
- भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों का एक व्यापक नेटवर्क विकसित है।
- मार्च 2025 तक भारत का कुल सड़क नेटवर्क 63 लाख किलोमीटर से अधिक है, जो विश्व में दूसरा सबसे बड़ा है।
- राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई बढ़कर 1,46,204 किलोमीटर हो चुकी है।
- भारत में सड़कों को मुख्यतः
- राष्ट्रीय राजमार्ग
- राज्य राजमार्ग
- जिला सड़कें
- राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 (NH 44) भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है, जो श्रीनगर (जम्मू एवं कश्मीर) से कन्याकुमारी (तमिलनाडु) तक विस्तृत है।
- कॉरिडोर योजना के अंतर्गत
- पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर: सिलचर (असम) से पोरबंदर (गुजरात)
- उत्तर–दक्षिण कॉरिडोर: कश्मीर से कन्याकुमारी
- देश में छह लेन, आठ लेन राजमार्गों तथा ग्रीन कॉरिडोर राजमार्गों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
- राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण एवं रखरखाव का कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है।
सीमावर्ती सड़कें
- अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के साथ निर्मित सड़कों को सीमावर्ती सड़कें कहा जाता है।
रेल परिवहन
- ग्लैंड में वर्ष 1769 में जेम्स वाट ने इंजन का आविष्कार किया तथा 1814 में जॉर्ज स्टीफेंसन ने पहली बार भाप इंजन का विकास किया।
- 27 सितंबर 1825 को विश्व की पहली रेलगाड़ी इंग्लैंड में स्टॉकटन (उत्तरी इंग्लैंड) से डार्लिंगटन के बीच चली।
- विभिन्न देशों में रेल पटरियों की चौड़ाई (गेज) भिन्न–भिन्न होती है।
- सामान्यतः इन्हें ब्रॉड गेज (1.5 मीटर से अधिक), मीटर गेज (1 मीटर) एवं नैरो गेज में वर्गीकृत किया जाता है।
- भारत में रेल परिवहन 1853 में मुंबई से ठाणे (34 किमी) के बीच प्रारंभ हुआ।
- भारतीय रेल में गेज के प्रकार :
- ब्रॉड गेज (चौड़ाई 1.676 मीटर)
- मीटर गेज (चौड़ाई 1 मीटर)
- नैरो गेज (0.762 मीटर)
- लाइट गेज (0.610 मीटर)
- विश्व में स्टैंडर्ड गेज (जिसे स्टीफेंसन गेज भी कहा जाता है) की चौड़ाई 1.44 मीटर है, जिसका उपयोग ब्रिटेन में किया जाता है।
रेलवे घनत्व (प्रति 1000 वर्ग किलोमीटर में संचालित रेलमार्ग)
| स्थान | देश | घनत्व |
| 1. | स्विट्जरलैंड | 128.8 |
| 2. | चेकिया | 120.6 |
| 3. | बेल्जियम | 118.9 |
कुल रेलमार्ग की लंबाई (किमी)
| देश | कुल रेलमार्ग की लंबाई (किलोमीटर में) |
| संयुक्त राज्य अमेरिका | 2,20,044 |
| चीन | 1,59,000 |
| रूस | 1,05,000 |
| भारत | 65,554 |
| कनाडा | 49,422 |
| जर्मनी | 39,379 |
| ऑस्ट्रेलिया | 36,064 |
| ब्राज़ील | 29,850 |
| फ्रांस | 27,860 |
| जापान | 27,311 |
रेल परिवहन का क्षेत्रीय वितरण
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महाद्वीप |
रेल नेटवर्क से संबंधित प्रमुख बिंदु |
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यूरोप |
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रूस |
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एशिया |
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उत्तरी अमेरिका |
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दक्षिण अमेरिका |
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अफ्रीका |
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ऑस्ट्रेलिया |
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दुनिया के प्रमुख रेल मार्ग
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रेलवे मार्ग |
मार्ग एवं प्रमुख केंद्र |
विशेषताएँ |
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ट्रांस-साइबेरियन रेलमार्ग (एशिया–यूरोप, रूस – 9,560 किमी) |
लेनिनग्राद (सेंट पीटर्सबर्ग) → मॉस्को → तुला → कुइबिशेव (वोल्गा नदी) → उफ़ा (यूराल क्षेत्र) → विलियाबिन्स्क → ओम्स्क (स्टेपी क्षेत्र) → चीता → व्लादिवोस्तोक |
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कैनेडियन पैसिफिक रेलमार्ग (उत्तर अमेरिका, कनाडा – 7,050 किमी) |
अटलांटिक तट → क्यूबेक → मॉन्ट्रियल → प्रशांत तट |
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उत्तरी अंतर-महाद्वीपीय रेलमार्ग (उत्तर अमेरिका, USA – 6,100 किमी) |
न्यूयॉर्क → पिट्सबर्ग → शिकागो → शिकागो–गैरी औद्योगिक क्षेत्र (मिशिगन झील) → बिस्मार्क (प्रेयरी क्षेत्र, सेंट पॉल) → रॉकी पर्वतीय दर्रे एवं सुरंगें → सिएटल |
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मध्य अंतर-महाद्वीपीय रेलमार्ग (उत्तर अमेरिका, USA) |
न्यूयॉर्क → शिकागो → ओमाहा (मिसौरी नदी) → प्लैट नदी घाटी → चेनी सिटी → साल्ट लेक सिटी (इन्स पास, रॉकी पर्वत) → सैक्रामेंटो → सैन फ्रांसिस्को |
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दक्षिणी अंतर-महाद्वीपीय रेलमार्ग (उत्तर अमेरिका, USA) |
न्यूयॉर्क → न्यू ऑरलियन्स → लॉस एंजेलिस |
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ऑस्ट्रेलियाई अंतर-महाद्वीपीय रेलमार्ग (ऑस्ट्रेलिया) |
सिडनी → ग्रेट डिवाइडिंग रेंज → ब्रोकन हिल (डार्लिंग नदी) → पीटरबरो → पोर्ट पिरी → पोर्ट ऑगस्टा → कालगूर्ली → कुलगार्डी → पर्थ |
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ओरिएंट एक्सप्रेस रेलमार्ग (यूरोप) |
पेरिस → स्ट्रासबर्ग → म्यूनिख → वियना → बुडापेस्ट → बेलग्रेड → इस्तांबुल |
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एशियाई रेलमार्ग – प्रस्तावित (एशिया) |
इस्तांबुल → ईरान → पाकिस्तान → भारत → बांग्लादेश → म्यांमार → बैंकॉक |
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केप–काहिरा रेलमार्ग – प्रस्तावित (अफ्रीका – 14,000 किमी) |
काहिरा → सूडान → मध्य अफ्रीका (लुप्त कड़ी) → जिम्बाब्वे → प्रिटोरिया → किम्बर्ली (स्वर्ण खदान) → केपटाउन |
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ट्रांस–साइबेरियन रेलवे

ट्रांस–कनाडियन रेल मार्ग

संयुक्त राज्य अमेरिका का अंतरमहाद्वीपीय रेल मार्ग

ऑस्ट्रेलियाई अंतरमहाद्वीपीय रेल मार्ग

केप–काहिरा रेल मार्ग

जल परिवहन
- जल परिवहन सभी परिवहन साधनों में सबसे सस्ता तथा सर्वाधिक आसानी से उपलब्ध संसाधन है।
- जलमार्ग नदियों, झीलों, नहरों एवं महासागरों से होकर गुजरते हैं।
- इसका उपयोग मुख्यतः सस्ते एवं भारी वस्तुओं जैसे कोयला, लौह अयस्क, लौह–इस्पात, सीमेंट, अनाज आदि के परिवहन के लिए किया जाता है।
- जल परिवहन को सामान्यतः दो भागों में विभाजित किया जाता है—
- आंतरिक जलमार्ग
- समुद्री (महासागरीय) जलमार्ग।
- आंतरिक जलमार्ग महाद्वीपीय या स्थलीय क्षेत्रों की नदियों एवं झीलों से होकर गुजरते हैं।
- जिन नदियों एवं झीलों में ग्रीष्म ऋतु में जल सूख जाता है या शीत ऋतु में जल जम जाता है, वहाँ केवल मौसमी परिवहन ही संभव होता है।
- आंतरिक जल परिवहन उन क्षेत्रों में अधिक विकसित होता है जहां बड़ी नदियाँ पर्याप्त एवं नियमित जल प्रवाह के साथ वर्ष भर बहती हैं।
- विश्व के प्रमुख आंतरिक जलमार्ग बड़े एवं बारहमासी नदियों वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
विश्व के प्रमुख आंतरिक जलमार्ग
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महाद्वीप |
विवरण |
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यूरोप |
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उत्तरी अमेरिका |
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एशिया |
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दक्षिण अमेरिका |
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अफ्रीका |
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ऑस्ट्रेलिया |
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राइन जलमार्ग

दुनिया के प्रमुख समुद्री जलमार्ग
स्वेज नहर मार्ग

पनामा नहर मार्ग

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महासागरीय जलमार्ग |
जुड़े हुए क्षेत्र / मार्ग |
प्रमुख विशेषताएँ / महत्व |
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उत्तरी अटलांटिक मार्ग |
पश्चिमी यूरोप ↔ उत्तरी अमेरिका (संयुक्त राज्य अमेरिका एवं कनाडा) |
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भूमध्य सागर–हिंद महासागर जलमार्ग |
पश्चिमी यूरोप ↔ पूर्वी अफ्रीका ↔ दक्षिण एशिया ↔ ऑस्ट्रेलिया ↔ न्यूज़ीलैंड |
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केप ऑफ गुड होप मार्ग |
पश्चिमी यूरोप एवं पश्चिमी अफ्रीका ↔ दक्षिण अमेरिका |
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दक्षिणी अटलांटिक जलमार्ग |
पूर्वी दक्षिण अमेरिका ↔ अफ्रीका ↔ एशिया ↔ ऑस्ट्रेलिया |
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कैरेबियन सागर जलमार्ग |
कैरेबियन देश ↔ मेक्सिको की खाड़ी ↔ संयुक्त राज्य अमेरिका |
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प्रशांत महासागर जलमार्ग |
अमेरिका ↔ पूर्व एवं दक्षिण–पूर्व एशिया ↔ ऑस्ट्रेलिया एवं न्यूजीलैंड |
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स्वेज नहर मार्ग |
भूमध्य सागर ↔ लाल सागर ↔ हिंद महासागर |
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पनामा नहर मार्ग |
अटलांटिक महासागर ↔ प्रशांत महासागर |
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हवाई परिवहन
दुनिया के प्रमुख समुद्री और हवाई मार्ग

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वायु मार्ग का प्रकार |
विवरण / उदाहरण |
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अंतर-महाद्वीपीय वैश्विक वायुमार्ग |
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महाद्वीपीय वायुमार्ग |
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राष्ट्रीय वायु मार्ग |
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क्षेत्रीय वायु मार्ग |
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स्थानीय वायु मार्ग |
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विशेष / आधिकारिक वायु मार्ग |
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दुनिया के प्रमुख हवाई अड्डे
| महाद्वीप | प्रमुख हवाई अड्डे |
| उत्तरी अमेरिका | न्यूयॉर्क, न्यू ऑरलियन्स, शिकागो, सैन फ्रांसिस्को, लॉस एंजेलिस (संयुक्त राज्य अमेरिका); मॉन्ट्रियल, ओटावा (कनाडा); मेक्सिको सिटी |
| दक्षिण अमेरिका | रियो डी जेनेरियो, ब्यूनस आयर्स, सैंटियागो आदि |
| यूरोप | लंदन, पेरिस, बर्लिन, रोम, मॉस्को आदि |
| एशिया | टोक्यो, शंघाई, बीजिंग, बैंकॉक, सिंगापुर, जकार्ता, रंगून, कोलकाता, मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कराची, कोलंबो आदि |
| अफ्रीका | केपटाउन, अदीस अबाबा, नैरोबी, काहिरा आदि |
| ऑस्ट्रेलिया | सिडनी, मेलबर्न, पर्थ, कैनबरा आदि |
पाइपलाइन परिवहन
- पाइपलाइन परिवहन, परिवहन के सबसे आधुनिक साधनों में से एक है।
- पाइपलाइनों के माध्यम से कच्चा तेल रिफाइनरियों तक पहुँचाया जाता है तथा परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पाद उपभोक्ता केंद्रों तक भेजे जाते हैं।
- प्राकृतिक गैस का परिवहन भी पाइपलाइनों द्वारा किया जाता है।
- विश्व में पाइपलाइनों का सर्वाधिक घनत्व यूरोप एवं मध्य-पूर्व देशों में पाया जाता है।
- पाइपलाइन परिवहन से जल, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस जैसे द्रव तथा गैसीय पदार्थों का निर्बाध एवं सतत प्रवाह सुनिश्चित होता है।
- विश्व के अनेक भागों में घरेलू गैस एवं एल.पी.जी. की आपूर्ति पाइपलाइनों द्वारा की जाती है।
- न्यूज़ीलैंड में दूध को खेतों से कारखानों तक पाइपलाइनों के माध्यम से भेजा जाता है।
- संयुक्त राज्य अमेरिका में तेल उत्पादक क्षेत्रों और उपभोक्ता केंद्रों के बीच तेल पाइपलाइनों का सघन जाल विकसित है।
- पाइपलाइनों का उपयोग तेल कुओं को रिफाइनरियों, बंदरगाहों एवं घरेलू बाजारों से जोड़ने के लिए किया जाता है।
- मध्य एशिया के तुर्कमेनिस्तान से ईरान तथा चीन के कुछ बंदरगाहों तक पाइपलाइनों का विस्तार किया गया है।
- प्रस्तावित ईरान–भारत गैस पाइपलाइन (पाकिस्तान के मार्ग से) विश्व की सबसे लंबी अंतर्राष्ट्रीय तेल एवं प्राकृतिक गैस पाइपलाइन होगी।
विश्व की प्रमुख पाइपलाइनें
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पाइपलाइन का नाम |
विवरण |
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बिग इंच पाइपलाइन |
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टीएपी लाइन (ट्रांस–अरेबियन प्रायद्वीप पाइपलाइन) |
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टीएपी पाइपलाइन (ट्रांस एड्रियाटिक पाइपलाइन) |
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कोमेकॉन पाइपलाइन |
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ओ.आई.एल. पाइपलाइन |
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एच.वी.जे. पाइपलाइन |
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TAPI पाइपलाइन (निर्माणाधीन) |
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