नागरिकता किसी व्यक्ति की उस कानूनी स्थिति को दर्शाती है जिसके माध्यम से उसे किसी देश में अधिकार और कर्तव्य प्राप्त होते हैं। यह राज्य और नागरिक के बीच संबंध को परिभाषित करती है तथा संविधान द्वारा निर्धारित नियमों पर आधारित होती है। राजनीतिक व्यवस्था और शासन विषय के अंतर्गत नागरिकता का अध्ययन लोकतांत्रिक अधिकारों और जिम्मेदारियों की समझ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
नागरिक एवं विदेशी : अर्थ एवं महत्त्व
नागरिक
- भारतीय राज्य के पूर्ण सदस्य
- राज्य के प्रति पूर्ण निष्ठा
- सभी सिविल एवं राजनीतिक अधिकार प्राप्त
- अधिकारों के साथ कर्तव्यों का निर्वहन:
- कर भुगतान
- राष्ट्रध्वज एवं राष्ट्रगान का सम्मान
- देश की रक्षा
नोट: भारत में जन्म से या प्राकृतिक नागरिक राष्ट्रपति बन सकता है (अमेरिका में केवल जन्म से नागरिक)
विदेशी
- किसी अन्य राज्य के नागरिक
- सभी नागरिक एवं राजनीतिक अधिकार प्राप्त नहीं
- विदेशियों की दो श्रेणियाँ
- विदेशी मित्र – भारत से मैत्रीपूर्ण संबंध
- विदेशी शत्रु – जिनसे भारत युद्ध में हो
- अनुच्छेद 22 की सुरक्षा प्राप्त नहीं
- गिरफ्तारी व नजरबंदी के विरुद्ध संरक्षण नहीं
केवल भारतीय नागरिकों को प्राप्त अधिकार (विदेशियों को प्राप्त नहीं)
- अनुच्छेद 15 – विभेद के विरुद्ध अधिकार
- अनुच्छेद 16 – लोक नियोजन में समानता
- अनुच्छेद 19 – छह स्वतंत्रताएँ
- वाक् एवं अभिव्यक्ति
- सभा
- संघ
- संचरण
- निवास
- व्यवसाय
- अनुच्छेद 29–30 – संस्कृति एवं शिक्षा संबंधी अधिकार
- मतदान का अधिकार
- संसद एवं राज्य विधानमंडल के लिए चुनाव लड़ने का अधिकार
- संवैधानिक पदों की पात्रता:
- राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति
- उच्चतम एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
- राज्यपाल
- महान्यायवादी, महाधिवक्ता
नागरिकता से संबंधित संवैधानिक उपबंध
- संविधान का भाग–II (अनुच्छेद 5–11)
- केवल यह निर्धारित करता है कि 26 जनवरी 1950 को कौन भारत का नागरिक था
- नागरिकता के अर्जन, समाप्ति, हानि, का विस्तृत वर्णन नहीं
- अनुच्छेद 11 → संसद को पूर्ण अधिकार
- अन्य देश की नागरिकता लेने पर भारतीय नागरिकता समाप्त
- संसद विधि द्वारा नागरिकता जारी रख सकती है
- नागरिकता के अर्जन/समाप्ति पर पूर्ण अधिकार संसद को
- नागरिकता अधिनियम, 1955 लागू
संविधान लागू होने पर नागरिकों की चार श्रेणियाँ
- मूल निवासी (अनुच्छेद 5)
- यदि:
- भारत में जन्म
- माता/पिता में से किसी एक का भारत में जन्म
- 26 जनवरी 1950 से पूर्व 5 वर्ष भारत में निवास
- यदि:
- पाकिस्तान से भारत आए व्यक्ति
- माता-पिता/दादा-दादी अविभाजित भारत में जन्मे हों
- शर्तें:
- 19 जुलाई 1948 से पूर्व → साधारण निवास पर्याप्त
- 19 जुलाई 1948 के बाद →
- नागरिक के रूप में पंजीकरण
- 6 माह भारत में निवास आवश्यक
- भारत → पाकिस्तान → पुनः भारत लौटे व्यक्ति
- 1 मार्च 1947 के बाद पाकिस्तान गया
- पुनर्वास हेतु भारत लौटा
- पंजीकरण + 6 माह निवास
- भारत के बाहर रहने वाला भारतीय मूल का व्यक्ति
- माता-पिता/दादा-दादी अविभाजित भारत में जन्मे
- कूटनीतिक या पार्षदीय पंजीकरण द्वारा नागरिकता
नागरिकता अर्जन के पाँच आधार
- जन्म से
- 26.01.1950 – 01.07.1987
- जन्म मात्र से नागरिक
- 01.07.1987 – 02.12.2004
- माता-पिता में से एक भारतीय नागरिक
- 03.12.2004 के बाद
- दोनों माता-पिता भारतीय
- या
- एक भारतीय + दूसरा अवैध प्रवासी न हो
- नोट : विदेशी राजनयिकों एवं शत्रु देश के बच्चों को नहीं
- 26.01.1950 – 01.07.1987
- वंश के आधार पर
- 10.12.1992 से पूर्व → पिता भारतीय नागरिक
- 10.12.1992 के बाद → माता या पिता में से कोई एक
- 03.12.2004 के बाद:
- 1 वर्ष में कांसुलेट पंजीकरण अनिवार्य
- शपथ-पत्र: अन्य देश का पासपोर्ट नहीं
- पंजीकरण द्वारा (अवैध प्रवासी न हो)
- श्रेणियाँ:
- भारतीय मूल का व्यक्ति (7 वर्ष निवास)
- विदेश में रहने वाला भारतीय मूल
- भारतीय नागरिक से विवाह (7 वर्ष निवास)
- भारतीय नागरिक के नाबालिग बच्चे
- OCI/PIO संबंधी प्रकरण
- निष्ठा की शपथ अनिवार्य
- श्रेणियाँ:
- प्राकृतिक रूप से
- शर्तें:
- 12 माह + पूर्व 14 वर्षों में 11 वर्ष भारत में निवास
- अच्छा चरित्र
- आठवीं अनुसूची की भाषा का ज्ञान
- भारत में रहने की इच्छा
- विशेष सेवा (विज्ञान, कला, मानवता) पर शर्तों में छूट
- शर्तें:
- क्षेत्र समाविष्टि द्वारा
- विदेशी क्षेत्र भारत में शामिल हो
- उदाहरण:
- पांडिचेरी
- नागरिकता (पांडिचेरी) आदेश, 1962
असम समझौता – विशेष प्रावधान (CAA, 1985)
- 1.1.1966 से पूर्व आए
- 1.1.1966 से भारतीय नागरिक
- 1.1.1966 – 25.3.1971
- पंजीकरण आवश्यक
- 10 वर्ष तक मतदान अधिकार नहीं
- बाद में पूर्ण नागरिकता
नागरिकता की समाप्ति
- त्याग
- स्वैच्छिक घोषणा
- युद्धकाल में पंजीकरण स्थगित
- बर्खास्तगी
- अन्य देश की नागरिकता ग्रहण करने पर
- युद्धकाल में लागू नहीं
- वंचन
- धोखाधड़ी
- संविधान के प्रति अनादर
- राष्ट्रविरोधी गतिविधि
- 5 वर्षों में 2 वर्ष की सजा
- 7 वर्षों से भारत से बाहर निवास
एकल नागरिकता
- भारत → केवल भारतीय नागरिकता
- अमेरिका/स्विट्ज़रलैंड → दोहरी नागरिकता
- उद्देश्य:
- राष्ट्रीय एकता
- समान अधिकार
- अपवाद
- अनुच्छेद 16 – निवास आधारित नौकरियाँ
- अनुच्छेद 15 – शैक्षणिक सुविधाएँ
- अनुच्छेद 19 – जनजातीय क्षेत्र प्रतिबंध
- अनुच्छेद 35A (J&K) – ❌ 2019 में समाप्त
विदेशी भारतीय नागरिकता (OCI)
- पृष्ठभूमि
- एल. एम. सिंघवी समिति (2000)
- रिपोर्ट: 2002
- CAA:
- 2003
- 2005
- 2015
- 2015 संशोधन
- PIO + OCI → एकल OCI कार्डधारक योजना
- 9.1.2015 से PIO समाप्त
- OCI को प्राप्त नहीं अधिकार
- मतदान
- चुनाव लड़ना
- राष्ट्रपति/उपराष्ट्रपति
- न्यायाधीश
- सरकारी सेवाएँ (विशेष अनुमति छोड़कर)
- OCI रद्द / परित्याग
- धोखाधड़ी
- संविधान के प्रति अनिष्ठा
- राष्ट्र की सुरक्षा के विरुद्ध कार्य
- विवाह शर्तों का उल्लंघन
