- VPN “वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क” है जो सार्वजनिक नेटवर्क का उपयोग करते समय एक संरक्षित नेटवर्क कनेक्शन स्थापित करता है।
- VPN इंटरनेट ट्रैफिक को एन्क्रिप्ट करते हैं और उपयोगकर्त्ता की ऑनलाइन पहचान को छिपाते हैं। इससे तृतीय पक्ष के लिये ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक करना एवं डेटा चोरी करना अधिक कठिन हो जाता है। एन्क्रिप्शन वास्तविक समय में होता है।
- यह एक पॉइंट-टू-पॉइंट टनल बनाता है जो व्यक्तिगत डेटा को एन्क्रिप्ट करता है, आपके आईपी आईडी को छुपाता है, और आपको इंटरनेट पर वेबसाइट ब्लॉक और फ़ायरवॉल को दरकिनार करने देता है।
- यह है
- वर्चुअल क्योंकि कनेक्शन प्रक्रिया में कोई भौतिक केबल शामिल नहीं है।
- प्राइवेट इसलिए क्योंकि इस कनेक्शन के जरिए आपका डेटा या ब्राउजिंग एक्टिविटी कोई और नहीं देख सकता।
- नेटवर्क इसलिए क्योंकि कई डिवाइस-आपका कंप्यूटर और वीपीएन सर्वर-एक स्थापित लिंक को बनाए रखने के लिए एक साथ काम करते हैं।
- वीपीएन का उपयोग आमतौर पर ऑनलाइन गोपनीयता की सुरक्षा, सेंसरशिप और भू-प्रतिबंधों को दरकिनार करने और सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग करते समय सुरक्षा बढ़ाने के लिए किया जाता है।

| पहलू | हब | स्विच |
| डेटा ट्रांसमिशन | LAN में कई डिवाइसों को जोड़ता है और डेटा को सभी कनेक्टेड डिवाइसों को प्रसारित करता है, चाहे वह किसके लिए भी हो। | यह LAN में डिवाइसेज़ को आपस में जोड़ता है और डेटा को केवल उसी डिवाइस को भेजता है जिसके लिए वह निर्धारित होता है, MAC पते के आधार पर। |
| टकराव नियंत्रण | इसमें सभी डिवाइसेज़ एक ही बैंडविड्थ साझा करते हैं, जिससे नेटवर्क में टकराव की संभावना बढ़ जाती है। | यह हर डिवाइस के लिए अलग डेटा पथ बनाता है, जिससे टक्कर की संभावना कम हो जाती है। |
| दक्षता | अनावश्यक डेटा साझाकरण और टकराव के कारण कम दक्षता। | उच्च दक्षता क्योंकि डेटा सीधे लक्षित डिवाइस को भेजा जाता है। |
| एक साथ डेटा ट्रांसफर | एक साथ कई ट्रांसमिशन को संभाल नहीं सकता। | एक साथ कई डेटा ट्रांसमिशन को संभाल सकता है। |
| उदाहरण | पुराना ऑफिस जहाँ सभी कंप्यूटर और प्रिंटर एक ही हब से जुड़े होते हैं — हर संदेश सभी को जाता है, चाहे वह किसी के लिए हो या नहीं। | आधुनिक ऑफिस नेटवर्क जहाँ डिवाइस एक स्विच से जुड़े होते हैं — संदेश सीधे उस डिवाइस को जाता है जिसके लिए वह है। |
| पहलू | IPv4 | IPv6 |
| एड्रेस लंबाई (Address Length) | 32 बिट्स | 128 बिट्स |
| एड्रेस प्रारूप (Address Format) | दशमलव संख्याएँ, जिन्हें बिंदुओं (.) से विभाजित किया गया है। | हेक्साडेसिमल संख्याएँ, जिन्हें कॉलन (:) से विभाजित किया गया है। |
| कॉन्फ़िगरेशन | मैनुअल या DHCP कॉन्फ़िगरेशन। | ऑटो-कॉन्फ़िगरेशन समर्थित। |
| गति और दक्षता | पते की समाप्ति के कारण धीमा रूटिंग। | तेज़ रूटिंग और सरल पैकेट प्रोसेसिंग। |
| एड्रेस क्षमता (Address Capacity) | लगभग 4.3 बिलियन पते, आधुनिक आवश्यकताओं के लिए अपर्याप्त। | बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए लगभग असीमित संख्या में पते। |
| सुरक्षा | सुरक्षा वैकल्पिक (IPSec का वैकल्पिक उपयोग)। | सुरक्षा के लिए IPSec अनिवार्य। |
| उदाहरण | 192.168.0.178 | 2001:CDBA:0000:0000:0000:0000:3257:9652 |
मेश टोपोलॉजी (Mesh Topology) एक नेटवर्क संरचना है जिसमें प्रत्येक डिवाइस नेटवर्क के अन्य सभी डिवाइसों से सीधे जुड़ा होता है। यह डेटा के लिए विभिन्न रास्ते बनाता है, जिससे डिवाइसों के बीच निरंतर संचार (continuous communication) बना रहता है।
इसे विश्वसनीय क्यों माना जाता है?
मेश टोपोलॉजी को अत्यधिक विश्वसनीय (highly reliable) माना जाता है क्योंकि:
- यह कई डेटा पथ प्रदान करता है, इसलिए यदि एक कनेक्शन विफल हो जाए तो भी डेटा अन्य मार्गों से ट्रांसमिट किया जा सकता है।
- इसमें कोई सिंगल पॉइंट ऑफ फेल्योर नहीं होता, जिससे नेटवर्क स्थिर (stable) और मजबूत (robust) बना रहता है।
- यह भारी नेटवर्क लोड या हार्डवेयर विफलता की स्थिति में भी निरंतर प्रदर्शन (consistent performance) प्रदान करता है।
- सुरक्षित (Secure): प्रत्येक लिंक डिवाइसों के बीच अद्वितीय डेटा (unique data) लेकर जाता है।

