- कावड़ एक चित्रित, मुड़ने वाला लकड़ी का गतिशील लघु-मंदिर है
- चित्तौड़गढ़ के बस्सी गांव के खैरादिया समुदाय का पारंपरिक व्यवसाय।
- प्रमुख कलाकार – मांगीलाल मिस्त्री
- कावड़ का रंग लाल होता है और उस पर काले रंग से महाभारत और रामायण की पौराणिक कहानियाँ अंकित होती हैं।
- कथा सुनाने के साथ-साथ कावड़ के दरवाजे खुलते जाते हैं और जब सभी दरवाजे खुलते हैं तो राम, लक्ष्मण और सीता की मूर्तियां दिखाई देती हैं

