राजस्थान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विकास

राजस्थान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विकास: विज्ञान व प्रौद्योगिकी के अंतर्गत राजस्थान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विकास विभिन्न क्षेत्रों जैसे ऊर्जा, कृषि, जल प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुसंधान में उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है। राज्य में सौर ऊर्जा, ड्रिप सिंचाई, ई-गवर्नेंस तथा अनुसंधान संस्थानों के माध्यम से तकनीकी नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे समग्र विकास और सतत प्रगति सुनिश्चित हो रही है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग

  • स्थापना 1983 में हुई।
  • मुख्यालय – जयपुर।
  • विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय उदयपुर, बीकानेर, कोटा, अजमेर, भरतपुर और जोधपुर में स्थापित किए गए हैं।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र (STRC) – 8

STRC का नाम और स्थानपरियोजना क्रियान्वयन एजेंसी
नीमराना, कोटपूतली-बहरोड़किसान प्रशिक्षण केंद्र, पीएनबी, नीमराना
कंवरपुरा, कोटाराजस्थान पर्यावरण एवं विकास एजेंसी, कोटा
बहादुर वास, झुंझुनू समग्र विकास संस्थान, झुंझुनू
बम्बोर, जोधपुर थार वॉलंटरी सोसायटी, जोधपुर
चांदेसरा, उदयपुरविज्ञान समिति, उदयपुर
कुम्हेर, भरतपुरलुपिन मानव कल्याण एवं अनुसंधान फाउंडेशन, भरतपुर
दादनपुरा, जयपुरकुमारप्पा ग्राम स्वराज संस्थान, जयपुर
कानपुरा, अजमेर सोशल वर्क्स एंड एनवायरनमेंट फॉर रूरल डेवलपमेंट, कानपुरा, अजमेर

विज्ञान पार्क

  1. जयपुर, 1998
  2. जोधपुर
  3. झालरापाटन (झालावाड़)
  4. नवलगढ़ (झुंझुनू)

विज्ञान केंद्र

  • उदयपुर – विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वर्ष 1991 में स्थापित।
  • कोटा – विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वर्ष 1994 में स्थापित।
  • उप-क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र, जोधपुर – राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सक्रिय सहयोग से स्थापित।
  • बीकानेर
  • धौलपुर – 8 जुलाई 2025 को उद्घाटन किया गया। राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान द्वारा सहायता प्रदान की गई। (युवा नवाचार हब, विज्ञान सेतु पहल के अंतर्गत BRIC – राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान द्वारा विकसित)
  • विज्ञान केंद्र एवं डिजिटल प्लैनेटेरियम, कोटा
  • अजमेर – राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद द्वारा स्थापित।

अन्य संस्थान

  • स्टेट रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर – जोधपुर।
  • स्टेट रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर का उप-केंद्र – जयपुर (इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा)
  • क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र, जयपुर – भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत स्वायत्त संस्था राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद द्वारा राजस्थान सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सक्रिय सहयोग से स्थापित किया गया है।
  • उप-क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र – जोधपुर, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (NCSM), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से स्थापित।

राजस्थान सरकार के प्रयास

राजस्थान विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार (STI) नीति – 2020

  • उद्देश्य: राजस्थान को प्रौद्योगिकी और नवाचार का केंद्र बनाना।
  • मुख्य फोकस क्षेत्र: एआई, आईओटी, रोबोटिक्स, डेटा साइंस।

राजस्थान बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) नीति (2021–2026)

  • बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देता है।
  • पेटेंट दाखिल करने में सहायता करता है तथा सृजनकर्ताओं और नवप्रवर्तकों की सुरक्षा करता है।
  • विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप्स को बौद्धिक संपदा सृजन के लिए प्रोत्साहित करता है।

डिजिटल राजस्थान मिशन

  • डिजिटल शासन और ई-सेवाओं का विस्तार करता है।
  • डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा को बढ़ावा देता है।

महत्वपूर्ण डिजिटल अवसंरचना

  • ई-मित्र – एकीकृत ऑनलाइन सेवा केंद्र।
  • राजकॉम्प – सरकारी डिजिटल अवसंरचना की आधारशिला।
  • राजस्वान – उच्च गति नेटवर्क के माध्यम से जिला मुख्यालयों को जोड़ता है।
  • राजवाई-फाई – सार्वजनिक स्थानों पर निःशुल्क/किफायती वाई-फाई।

भामाशाह स्टेट डेटा सेंटर (BSDC) – जयपुर

  • भारत का सबसे बड़ा सरकारी संचालित टियर-IV डेटा सेंटर।
  • सुरक्षित डेटा भंडारण के माध्यम से ई-गवर्नेंस को समर्थन प्रदान करता है।

शैक्षणिक पहल

  • अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) – सरकारी विद्यालयों में 1500 लैब्स स्थापित। रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा ड्रोन में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
  • सुप रकंप्यूटर – BITS पिलानी, MNIT जयपुर तथा IIT जोधपुर में उपलब्ध। उच्च संगणना आधारित विषयों में उन्नत अनुसंधान को सुदृढ़ करते हैं।

राजस्थान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास

जयपुर एआई इनोवेशन समिट 2025

  • कार्यक्रम – 22–23 अगस्त 2025, बिड़ला ऑडिटोरियम, जयपुर
  • आयोजक – इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI)
  • विषय – नवाचार, एआई, डेटा साइबर सुरक्षा (लेखा, ऑडिट, कर एवं प्रशासन में परिवर्तन)
  • “Privacy in AI” पुस्तक का विमोचन मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा।

राजस्थान में “पढ़ाई विद एआई” कार्यक्रम

  • सरकारी विद्यालयों के परिणामों में सुधार के लिए टोंक जिले में कक्षा 10 के विद्यार्थियों हेतु एआई आधारित शैक्षिक कार्यक्रम।
  • मुख्य विशेषता – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शामिल करते हुए वेब पोर्टल आधारित डिजिटल शिक्षा।

राजस्थान की पहली “अंतरराष्ट्रीय एआई रोबोटिक्स एवं साइबरनेटिक्स प्रयोगशाला”

  • मारिक इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स एवं साइबरनेटिक्स (MICARC) की स्थापना NIMS विश्वविद्यालय, जयपुर में की गई तथा 1 अप्रैल 2025 को इसका उद्घाटन हुआ।
  • यह पहल “राइजिंग राजस्थान” योजना के अंतर्गत राजस्थान सरकार और NIMS विश्वविद्यालय के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) का हिस्सा है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं मशीन लर्निंग (ML) तकनीकों का उपयोग कर खनिजों की खोज

  • प्रमुख क्षेत्र – भीलवाड़ा, भरतपुर एवं चित्तौड़गढ़।
  • मुख्य अधिकारी – टी. रविकांत, प्रमुख सचिव, खान एवं भूविज्ञान, राजस्थान।
  • राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (RSMET) तथा अधिसूचित निजी अन्वेषण एजेंसियों (NPEA) द्वारा क्रियान्वित।

क्षय रोग उन्मूलन हेतु राज्य स्तरीय एआई समाधान 

  • राजस्थान में क्षय रोग (TB) उन्मूलन प्रयासों को सुदृढ़ करने के लिए एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) समाधान प्रारंभ किया गया है।
  • इसका शुभारंभ 19 सितंबर 2025 को जयपुर में NHM राजस्थान के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव द्वारा किया गया।
  • विशेषताएँ – यह एआई समाधान वाधवानी एआई के सहयोग से विकसित किया गया है।
  • उद्देश्य – एआई की सहायता से टीबी रोगियों की पहचान करना तथा उच्च जोखिम वाले रोगियों की निगरानी करना।
  • विस्तार – कोटा संभाग (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) में पायलट परियोजना के रूप में लागू तीन एआई समाधानों को अब राज्य के सभी 41 जिलों में विस्तारित किया जाएगा।
  • राजस्थान की पहली भारतीय उच्च-प्रौद्योगिकी एआई प्रयोगशाला – बीकानेर में स्थापित की जा रही है।

राजस्थान में जैव प्रौद्योगिकी का विकास

  • राजस्थान जैव प्रौद्योगिकी नीति, 2015
  • राजस्थान जैव प्रौद्योगिकी कौशल विजन 2020–21
  • एपीजे अब्दुल कलाम जैव प्रौद्योगिकी संस्थान – जयपुर
  • राजस्थान जैव प्रौद्योगिकी नीति का वर्ष 2023 में नवीनीकरण किया गया।
  • राजस्थान जैव प्रौद्योगिकी परिषद का गठन मई 2016 में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में किया गया।
  • राजस्थान राज्य जैव प्रौद्योगिकी मिशन की स्थापना मई 2016 में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में की गई।
  • जयपुर शहर के निकट सार्वजनिक-निजी भागीदारी के आधार पर जैव प्रौद्योगिकी विकास केंद्र स्थापित किया जाएगा।
  • अलवर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा तथा जोधपुर में मेगा बायोटेक / लाइफ साइंस पार्क स्थापित किए जाएंगे।
  • 2 करोड़ रुपये की कोष राशि के साथ प्रौद्योगिकी अधिग्रहण कोष स्थापित किया जाएगा।
  • दक्षिण एशिया जैव प्रौद्योगिकी केंद्र जोधपुर में स्थित है।
  • जयपुर बायोटेक पार्क – जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं उद्योग इनक्यूबेशन को समर्थन प्रदान करता है।

बजट 2025-26 में घोषणा

घोषित पार्क
स्टोन पार्कनिंबाहेड़ा (चित्तौड़गढ़) एवं बूंदी
टेक्सटाइल पार्कभीलवाड़ा
सिरेमिक पार्कसोणियाना (चित्तौड़गढ़)
टॉय पार्ककोटा
वुड पार्कलालसोट (दौसा)
एग्रो फूड पार्कसांचौर (जालोर)
इंडस्ट्रियल पार्कशाहपुरा (भीलवाड़ा)
मिनी फूड पार्कअनूपगढ़ (श्रीगंगानगर)
ब्लॉक प्रिंटिंग ज़ोनसांगानेर (जयपुर)
अन्य घोषणाएं
  • DMIC के अंतर्गत फार्मा पार्क
  • भीलवाड़ा में टेक्सटाइल पार्क का विस्तार
  • नवाचार हब – भरतपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर
  • खनन एवं खनिज के लिए उत्कृष्टता केंद्र – जयपुर (₹60 करोड़)
  • डिजिटल प्लैनेटेरियम – अलवर, अजमेर, बीकानेर
  • विश्वकर्मा कौशल संस्थान – कोटा (₹150 करोड़)
  • 1500 विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब
  • आई-स्टार्ट सुविधा डेस्क – राजस्थान के स्टार्टअप्स को नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म प्रदान करने हेतु – हैदराबाद, बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई
  • सतत विकास लक्ष्य समन्वय एवं त्वरक केंद्र (SDGCAC) की स्थापना
  • ₹250 करोड़ की लागत से स्वच्छ एवं हरित प्रौद्योगिकी विकास केंद्र की स्थापना
  • सभी जिला मुख्यालयों पर वेस्ट टू वेल्थ पार्क तथा ग्राम पंचायतों में बर्तन बैंक की स्थापना
  • ₹150 करोड़ की लागत से जलवायु परिवर्तन उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना
  • कृषि क्षेत्र में नवाचार हेतु एआई उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना
  • सरदार पटेल साइबर कंट्रोल एवं वार रूम केंद्र की स्थापना हेतु ₹350 करोड़ का प्रावधान
  • 7 जिलों (हनुमानगढ़, सवाई माधोपुर, जैसलमेर, पाली, सिरोही, चित्तौड़गढ़ एवं डूंगरपुर) में खाद्य प्रयोगशालाओं की स्थापना
  • प्रत्येक संभागीय मुख्यालय पर अल्ट्रा एडवांस्ड बर्न केयर सेंटर की स्थापना
  • जयपुर, जोधपुर एवं उदयपुर में वैदिक गुरुकुल एवं वैदिक पर्यटन केंद्रों की स्थापना
  • प्रत्येक संभाग में उन्नत कौशल एवं करियर परामर्श केंद्र की स्थापना
  • आगामी वर्ष में 3000 से अधिक जनसंख्या वाले पंचायत मुख्यालयों में ‘अटल ज्ञान केंद्र’ की स्थापना
  • अंबेडकर संविधान अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान की स्थापना
  • ₹400 करोड़ की लागत से आधुनिक राजनेट 2.0 प्रणाली लागू, जिससे कनेक्टिविटी क्षमता दोगुनी होगी
  • जोधपुर में डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर की स्थापना
  • ब्रह्मगुप्त फ्रंटियर टेक्नोलॉजी केंद्र हेतु ₹300 करोड़ का प्रावधान
  • बारां में लहसुन उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना
  • 04 जुलाई 2025 को जोधपुर एवं उदयपुर में डिजिटल प्लैनेटेरियम के निर्माण हेतु राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय तथा राजस्थान सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ₹13 करोड़ प्रति इकाई की लागत से स्थापित की जाएगी। (महत्वपूर्ण)

ऐप्स और पोर्टल

“आशा ऐप”
  • मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में लॉन्च – घर पर ही सही उपचार के लिए मरीजों का मार्गदर्शन करने हेतु।
  • सरल 
  • उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने राजस्थान लघु उद्योग निगम (राजसिको) के केंद्रीकृत इन्वेंट्री, बिक्री, बिलिंग एवं एयर कार्गो सॉफ्टवेयर ‘सरल’ का शुभारंभ किया।
मानस पोर्टल
  • यह राजस्थान सरकार द्वारा बनाया गया है।
  • यह पोर्टल मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध खेती या अन्य संबंधित मामलों की रिपोर्टिंग के लिए बनाया गया है।
  • नागरिकों की पहचान एवं जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।
  • मादक पदार्थों से संबंधित किसी भी सूचना के लिए 1933 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।
ई-धरती पोर्टल
  • जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने ई-धरती पोर्टल पर ऑटो म्यूटेशन सेवा शुरू की है।
  • यह सेवा 90A आवेदन (90A API) के माध्यम से प्रारंभ की गई है।
  • उद्देश्य – संपत्ति प्रबंधन में पारदर्शिता लाना।
ई-DAR पोर्टल – सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए
  • लॉन्च विवरण – बांसवाड़ा पुलिस द्वारा 1 अक्टूबर 2025 को ‘ई-DAR’ (e-Detailed Accident Report) पोर्टल लॉन्च किया गया।
  • उद्देश्य – सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित दावों जैसे मुआवजे के शीघ्र निपटान को सुनिश्चित करना।
  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित।
‘माय करियर एडवाइजर’ ऐप
  • राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों को सही करियर विकल्प चुनने में सहायता हेतु लॉन्च किया गया। यह ऐप शिक्षा मंत्रालय तथा NCERT-PARAKH द्वारा विकसित किया गया है।
  • अपूर्वा ऐप
  • ‘अपूर्वा’ एक स्मार्टफोन ऐप है, जो कैंसर रोगियों की वास्तविक समय में निगरानी को आसान बनाता है।
राजकॉप सिटिजन ऐप
  • इस ऐप के माध्यम से महिलाओं को आपातकालीन एवं गैर-आपातकालीन सहायता प्रदान की जाती है।
  • प्रक्रिया – ‘Need Help’ बटन दबाने पर 1090 कंट्रोल रूम में सूचना प्राप्त होती है।
  • कंट्रोल रूम पीड़िता से फोन या संदेश के माध्यम से संपर्क कर समस्या की जानकारी प्राप्त करता है, लाइव लोकेशन ट्रेस करता है तथा तुरंत पुलिस सहायता प्रदान की जाती है।
  • राज किसान गिरदावरी मोबाइल ऐप
  • राजस्थान में पटवारियों के साथ-साथ अब 1 अगस्त 2025 से किसानों द्वारा स्वयं ऑनलाइन गिरदावरी (फसल सर्वेक्षण) की सुविधा शुरू की गई है।

राजस्थान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास हेतु संस्थान

  • अवरक्त वेधशाला – माउंट आबू (सिरोही)
  • सौर वेधशाला – उदयपुर
  • स्टेट रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर – जोधपुर
  • फिनटेक डिजिटल पार्क – जयपुर
  • प्रथम परमाणु ऊर्जा गैलरी – जयपुर 
  • एपीजे अब्दुल कलाम जैव प्रौद्योगिकी संस्थान– छितरोली, जयपुर।
  • कोटा, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर तथा बीकानेर में नए विज्ञान केंद्रों की स्थापना।
  • पेटेंट सूचना केंद्र – जयपुर (1998)
  • मिनी आईटी गैलरी – जयपुर एवं जोधपुर विज्ञान केंद्र (₹25 लाख प्रत्येक)
  • राजीव गांधी फिनटेक डिजिटल संस्थान– जोधपुर
  • राजस्थान नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (RKCL) – जयपुर (दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में आईटी शिक्षा प्रदान करने हेतु)
  • राजस्थान स्टेट डेटा सेंटर – जयपुर में चार डेटा सेंटर तथा जोधपुर में एक डेटा सेंटर
  • इनोवेशन हब – जयपुर, जोधपुर, कोटा
  • आई-स्टार्ट नेस्ट – जयपुर, भरतपुर, बीकानेर एवं उदयपुर
  • अटल इनोवेशन स्टूडियो एवं एक्सेलेरेटर – जयपुर, भरतपुर, बीकानेर एवं उदयपुर में ₹1000 करोड़ की लागत से स्थापित किए जाएंगे।
  • राजस्थान सेंटर ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी (R-CAT) – जयपुर एवं जोधपुर में प्रारंभ, अब सभी संभागीय मुख्यालयों पर।
  • राजस्थान का अत्याधुनिक आईटी अवसंरचना केंद्र – जोधपुर
  • राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड लर्निंग – जयपुर
  • नैनो टेक्नोलॉजी कन्वर्जिंग सेंटर  –राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर
  • DRDO रक्षा प्रयोगशाला – जोधपुर
  • एआई ऑफ थिंग्स रिसर्च लैब – IIT जोधपुर
  • राजस्थान इनोवेशन एवं टेक्नोलॉजी सेंटर (RITC) – जयपुर, जोधपुर एवं उदयपुर (AI, ML, डेटा एनालिटिक्स एवं IoT अनुसंधान पर केंद्रित)

राजस्थान सरकार की पहल

  • राजकौशल – रोजगार हेतु जॉब मार्केटप्लेस।
  • राजकिसान साथी – कृषि कार्य को सुगम बनाने हेतु।
  • राजफैब – ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए।(व्यवसाय को सुगम बनाने हेतु)
  • आरटीआई पोर्टल – नागरिकों के साथ त्वरित सूचना साझा करने हेतु अक्टूबर 2013 में प्रारंभ।
  • वन्यजीव निगरानी एवं एंटी-पोचिंग प्रणाली – वर्ष 2017 में प्रारंभ।
  • राजस्थान सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (R-CAT)  – जयपुर एवं जोधपुर (अगस्त 2022 में स्थापित)
  • राजीव गांधी फिनटेक डिजिटल संस्थान  – जोधपुर।
  • राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस लर्निंग – जयपुर।
  • राज ईआरपी  – सरकारी उपक्रमों एवं सरकारी कार्यों की दक्षता बढ़ाने हेतु
  • राज सेवा द्वार – RISL द्वारा विकसित, इंटर एप्लिकेशन कनेक्टिविटी हेतु।
  • राज ई-वॉल्ट – दस्तावेज प्रबंधन प्रणाली।
  • राज्य मास्टर – एकीकृत राज्य मास्टर डेटा हब।
  • राज ई-साइन – नागरिकों, सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-साइन एवं डिजिटल हस्ताक्षर सुविधा प्रदान करने हेतु (लाइसेंस RISL को प्रदान)।
  • साथिन पोर्टल – महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा साथिनों की नियुक्ति हेतु ऑनलाइन पोर्टल।
  • राजकैड केंद्र – झालाना, जयपुर
  • टेक्नो हब – जयपुर
    • राजस्थान में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने सबसे बड़े एवं उन्नत स्टार्टअप हब – टेक्नो हब को संचालित किया है। इसका उद्देश्य उभरते उद्यमियों को अपने विचार प्रस्तुत करने तथा संभावित निवेशकों से जुड़ने में सहायता प्रदान करना है।
  • यह इनक्यूबेशन केंद्र स्टार्टअप्स को निःशुल्क स्थान, कनेक्टिविटी, आसान वित्तपोषण, मेंटरशिप तथा एक्सपोज़र प्रदान करता है।
  • राजस्थान में स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने हेतु राज्य सरकार ने ₹500 करोड़ का स्टार्टअप फंड – ‘टेक्नो फंड’ घोषित किया है।

योजनाएं

घर-घर विज्ञान, घर-घर नवाचार अभियान
  • यह अभियान शिक्षा विभाग द्वारा उदयपुर के देबारी से प्रारंभ किया गया।
  • इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना है। यह अभियान विधायक ताराचंद जैन एवं जिला शिक्षा अधिकारी लोकेश भारती द्वारा प्रारंभ किया गया।
विज्ञान ज्योति योजना
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की विज्ञान ज्योति योजना के अंतर्गत बालिकाओं को उच्च शिक्षा में STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित) विषयों से जोड़ा जा रहा है।
  • पिछले तीन वर्षों में इनकी संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
  • बालिकाओं को STEM से जोड़ने में उत्तर प्रदेश प्रथम, महाराष्ट्र एवं गुजरात क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर हैं, जबकि राजस्थान चौथे स्थान पर है।
  • राजस्थान में वर्ष 2022–23 में 923, वर्ष 2023–24 में 1263 तथा वर्ष 2024–25 में 1712 बालिकाएँ STEM से जुड़ी। इस प्रकार तीन वर्षों में कक्षा 9 से 12 की कुल 3895 बालिकाएँ STEM से जुड़ी।
आई-स्टार्ट योजना (i-Start scheme)वर्ष 2017 में प्रारंभ
  • आई-स्टार्ट राजस्थान राज्य सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना, रोजगार सृजन करना तथा निवेश को प्रोत्साहित करना है। यह कार्यक्रम नवाचार एवं उद्यमिता को विकसित करने के लिए बनाया गया है, जिससे राज्य की आर्थिक वृद्धि एवं विकास में सहायता मिल सके।
  • इस पहल के माध्यम से राज्य सरकार ऐसा वातावरण विकसित करना चाहती है, जहाँ ज्ञान के आदान-प्रदान तथा वित्तीय सहायता तक आसान पहुंच हो।
राजनेट (RajNet)
  • राजनेट परियोजना के अंतर्गत राज्य में ग्राम पंचायत स्तर तक सरकारी कार्यालयों एवं भवनों को नेटवर्क कनेक्टिविटी प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है।
  • आधुनिक राजनेट 2.0 प्रणाली की घोषणा बजट 2025–26 में ₹400 करोड़ के प्रावधान के साथ की गई है।
  • राजनेट 2.0 कनेक्टिविटी क्षमता को दोगुना करता है।
राजस्थान स्टार्टअप नीति, 2022
  • कार्यान्वयन विभाग – उद्योग विभाग, राजस्थान सरकार
  • अवधि – 5 वर्ष (2022–2027)
  • मुख्य लक्ष्य – पांच वर्षों में 20,000 स्टार्टअप्स को समर्थन प्रदान करना। 15 लाख रोजगार सृजन। 500 से अधिक इनक्यूबेशन केंद्रों एवं इनोवेशन लैब्स की स्थापना
  • स्टार्टअप की परिभाषा: ऐसी कंपनी या संस्था जो 10 वर्ष से कम पुरानी हो, जिसका वार्षिक टर्नओवर ₹100 करोड़ से कम हो, नवाचार आधारित उत्पादों या सेवाओं पर कार्य करती हो, DPIIT (भारत सरकार) द्वारा मान्यता प्राप्त हो।
  • वित्तीय सहायता: इनक्यूबेटर्स के लिए ₹40 लाख तक का अनुदान, स्टार्टअप्स के लिए ₹20 लाख तक की सीड फंडिंग। पंजीकरण, पेटेंट फाइलिंग एवं प्रोटोटाइप विकास हेतु सहायता।
  • इनक्यूबेशन इकोसिस्टम: प्रत्येक जिले में कम से कम एक इनक्यूबेशन केंद्र। जयपुर, जोधपुर, कोटा एवं उदयपुर में स्टार्टअप हब का विकास।कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में इनोवेशन/टिंकरिंग लैब्स की स्थापना।
ज्ञान संवर्धन हेतु युवा अभ्यर्थियों में अनुसंधान (KARYA)
  • राजस्थान सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा क्रियान्वित।
  • KARYA कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य सरकार के संस्थानों (राज्य विश्वविद्यालयों एवं सरकारी महाविद्यालयों) में अध्ययनरत मूलभूत विज्ञान (भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, जीव विज्ञान) के विद्यार्थियों को उत्कृष्ट संस्थानों (DAE, DBT, IIT, CSIR, DST, ICAR, ICMR आदि) में अल्पकालिक परियोजनाओं पर कार्य करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।

पात्रता

  • BS / BSc (केवल द्वितीय एवं तृतीय वर्ष)
  • MS / MSc (केवल प्रथम वर्ष)
  • 5 वर्षीय एकीकृत MS / MSc (केवल द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष)
  • (डुअल डिग्री) BS + MS (केवल द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष)
  • अवधि – ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान 8 सप्ताह।
  • चयनित विद्यार्थियों को आठ सप्ताह के दौरान होने वाले व्ययों हेतु फेलोशिप तथा आने-जाने के लिए यात्रा भत्ता (T.A.) प्रदान किया जाएगा।
  • KARYA-2025 के अंतर्गत 63 विद्यार्थियों को अनुसंधान फेलोशिप प्रदान की गई। (महत्वपूर्ण)

घटनाएँ

जयपुर में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का आयोजन
  • दो दिवसीय कार्यक्रम (इनोवेशन हब) – राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर 22–23 अगस्त 2025 को जयपुर के इनोवेशन हब में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
  • इसका विषय ‘आर्यभट्ट से गगनयान : प्राचीन ज्ञान से अनंत संभावनाएं’ था, जिसके अंतर्गत आदित्य L-1 मॉडल तथा रॉकेट प्रक्षेपण का प्रदर्शन किया गया।
  • जंतर-मंतर में मुख्य कार्यक्रम: राजस्थान को एस्ट्रो टूरिज्म में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से 23 अगस्त 2025 को जयपुर स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल जंतर-मंतर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
  • आयोजक: राजस्थान पर्यटन विभाग एवं स्पेस इंडिया।
  • ऐतिहासिक क्षण: इस कार्यक्रम में 300 वर्षों में पहली बार जंतर-मंतर के विशाल उपकरणों का उपयोग लाइव खगोलीय अवलोकन के लिए किया गया।
  • प्रस्तुति: कार्यक्रम में भारत की प्राचीन खगोल विज्ञान परंपरा को चंद्रयान एवं गगनयान जैसी आधुनिक अंतरिक्ष उपलब्धियों के साथ प्रस्तुत किया गया।
  • ₹100 करोड़ का इक्विटी फंड – राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा ₹100 करोड़ का इक्विटी फंड स्थापित करने तथा स्टार्टअप्स को ₹5 करोड़ तक के पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की गई है।
राजीविका एवं रूमा देवी फाउंडेशन के बीच समझौता
  • समझौते की तिथि – 8 अक्टूबर 2025
  • उद्देश्य – ग्रामीण एवं जनजातीय महिलाओं के लिए कौशल विकास, उद्यमिता संवर्धन तथा सतत आजीविका सृजन को सुदृढ़ करना।
  • पहल – राजीविका द्वारा यह समझौता अपनी नई पहल ‘उन्नति इनक्यूबेशन हब’ के अंतर्गत किया गया है।
  • प्रावधान – इस समझौते के अंतर्गत दोनों संगठन संयुक्त रूप से महिलाओं के कौशल उन्नयन, उद्यमिता प्रोत्साहन तथा बाजार तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए कार्य करेंगे।
राजस्थान के प्रथम केएमसी (कंगारू मदर केयर) लाउंज का उद्घाटन
  • उद्घाटन स्थल-खेरवाड़ा, उदयपुर
  • लाभ: यह मॉडल नवजात एवं मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम को सुदृढ़ करेगा।
  • यह एएनसी (प्रसव पूर्व देखभाल) अवधि के दौरान उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान कर उन्हें उचित देखभाल प्रदान करेगा।
  • अन्य उद्घाटन: मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने उसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ₹40 लाख की लागत से निर्मित एक आधुनिक लैब यूनिट का भी उद्घाटन किया।
भरतपुर में प्रथम एग्री क्लिनिक सेंटर
  • स्थान: सर्किट हाउस के निकट कृषि परिसर, भरतपुर, राजस्थान
  • लॉन्च:  9 सितंबर 2025
  • महत्व: यह राजस्थान का पहला एग्री क्लिनिक सेंटर है, जहां फसलों के रोग, कीट एवं पोषक तत्वों की कमी की जांच की जाएगी।
जमवारामगढ़ बांध में कृत्रिम वर्षा
  • 1 सितंबर 2025 को जयपुर के जमवारामगढ़ बांध पर पहला क्लाउड सीडिंग ऑपरेशन सफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप कृत्रिम वर्षा हुई।
  • देश का पहला ड्रोन-एआई आधारित क्लाउड सीडिंग (कृत्रिम वर्षा) प्रयोग रामगढ़ बांध, जयपुर में प्रारंभ किया गया है।
  • यह पायलट परियोजना राजस्थान सरकार एवं भारत-अमेरिका की तकनीकी कंपनी जेनेक्स एआई द्वारा संयुक्त रूप से संचालित की जा रही है।
  • इस प्रयोग में लक्षित क्लाउड सीडिंग के लिए ड्रोन एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग किया जा रहा है।
  • इसमें NaCl (सोडियम क्लोराइड) का उपयोग किया गया।
  • इस प्रक्रिया में विमान या भूमि आधारित मशीनों द्वारा वायुमंडल में सिल्वर आयोडाइड, पोटेशियम आयोडाइड या शुष्क बर्फ जैसे रसायनों का छिड़काव किया जाता है। ये रसायन संघनन नाभिक के रूप में कार्य करते हैं, जो जलवाष्प को आकर्षित कर बूंदों का निर्माण करते हैं। जब ये बूंदें भारी हो जाती हैं, तो वर्षा के रूप में गिरती हैं।
Development of Science and Technology in Rajasthan | राजस्थान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विकास
राजस्थान की पहली उच्च गुणवत्ता वाली औषधि परीक्षण प्रयोगशाला – जोधपुर
  • स्थान: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर में स्थापित।
  • मुख्य कार्य – यह प्रयोगशाला औषधियों में हर्बल घटकों की मात्रा का निर्धारण करने में सक्षम होगी, जिससे दवाओं को राज्य के भीतर ही स्वीकृति प्रदान करना संभव होगा (अन्य राज्यों की प्रयोगशालाओं पर निर्भरता कम होगी)।
  • खिलोरा, कोटपूतली-बहरोड़ में राज्य का पहला ई-बस निर्माण संयंत्र स्थापित किया जाएगा।
राजस्थान मसाला कॉन्क्लेव – 2025

मुख्य निर्णय

  • कृषि उपज मंडी समिति, आंगनवा, जोधपुर में इनक्यूबेशन सेंटर।
  • कृषि उपज मंडी यार्ड, सोहेला, टोंक में इनक्यूबेशन सेंटर।
  • सोनवा, टोंक में फूड पार्क।
  • अन्य पहल
  • श्रमिकों/हमालों (हम्माल/पल्लेदार) के लिए श्रम सम्मान कार्ड जारी किया गया।
  • राज-स्पाइस ऐप का शुभारंभ (यह ऐप राजस्थान कृषि विपणन बोर्ड द्वारा तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य मसाला क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को एक ही मंच पर जोड़ना तथा पारदर्शी खरीद–बिक्री को बढ़ावा देना है)।

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