राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025–26 राज्य की आर्थिक स्थिति, विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति तथा दीर्घकालिक विकास रणनीति का विस्तृत चित्र प्रस्तुत करती है। यह दस्तावेज़ “विकसित राजस्थान @2047” की परिकल्पना के अनुरूप तैयार किया गया है। इसे अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, राजस्थान सरकार द्वारा प्रकाशित किया गया है।
इस समीक्षा में कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र, आधारभूत संरचना, सामाजिक कल्याण तथा राजकोषीय प्रबंधन में हुई उपलब्धियों को प्रमुखता से दर्शाया गया है। यह रिपोर्ट दर्शाती है कि राजस्थान समावेशी, सतत एवं तकनीक आधारित विकास की दिशा में निरंतर अग्रसर है, जिससे समाज के सभी वर्गों को आर्थिक प्रगति का लाभ मिले तथा राज्य भारत की अर्थव्यवस्था में एक मजबूत योगदानकर्ता के रूप में उभरे।
विज़न : विकसित राजस्थान @2047
आर्थिक समीक्षा का मुख्य आधार “विकसित राजस्थान @2047” का दीर्घकालिक रोडमैप है, जिसका उद्देश्य राज्य को समृद्ध, अग्रणी और सतत अर्थव्यवस्था में परिवर्तित करना है। इस विज़न के प्रमुख लक्ष्य:
- MSME एवं उद्यमिता को सशक्त बनाना
- हरित एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना
- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर एवं ई-गवर्नेंस को मजबूत करना
- महिलाओं एवं युवाओं का सशक्तिकरण
- संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना
- प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग
यह रणनीति 13 प्राथमिकता क्षेत्रों पर आधारित है, जिनमें कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, पर्यटन, आधारभूत संरचना, जल सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण एवं शहरी विकास तथा राजकोषीय प्रबंधन शामिल हैं।

आर्थिक वृद्धि एवं प्रमुख संकेतक (Economic Growth & Key Indicators)
वर्ष 2025–26 में राजस्थान की अर्थव्यवस्था ने स्थिर एवं लचीली वृद्धि का प्रदर्शन किया है।
सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP)
- वर्तमान मूल्यों पर अनुमान: लगभग ₹18.75 लाख करोड़
- वृद्धि दर: लगभग 10.24%
- स्थिर मूल्यों पर वृद्धि दर: लगभग 8.66%
प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income)
- वर्तमान मूल्यों पर: लगभग ₹2,02,349
- स्थिर मूल्यों पर: लगभग ₹1,03,189
यह आँकड़े दर्शाते हैं कि राज्य में जीवन स्तर एवं क्रय शक्ति में स्पष्ट वृद्धि हुई है।
प्रमुख संकेतक एवं आर्थिक वृद्धि


अर्थव्यवस्था में क्षेत्रीय योगदान (GSVA 2025–26)
राजस्थान की अर्थव्यवस्था मुख्यतः तीन प्रमुख क्षेत्रों पर आधारित है:
- सेवा क्षेत्र – लगभग 47.7%
- इसमें परिवहन, वित्त, संचार, पर्यटन, लोक प्रशासन एवं पेशेवर सेवाएँ शामिल हैं। सेवा क्षेत्र की बढ़ती हिस्सेदारी राज्य की आधुनिक एवं विविधीकृत अर्थव्यवस्था की ओर संकेत करती है।
- उद्योग क्षेत्र – लगभग 26.5%
- इसमें खनन, विनिर्माण, बिजली उत्पादन, निर्माण कार्य एवं गैस आपूर्ति प्रमुख हैं।
- कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र – लगभग 25.7%
- इसमें फसल उत्पादन, पशुपालन, वानिकी एवं मत्स्य पालन शामिल हैं।
सेवा क्षेत्र की निरंतर बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि राजस्थान पारंपरिक कृषि आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर बहुआयामी एवं आधुनिक आर्थिक संरचना की ओर अग्रसर हो रहा है।

अध्याय 1 : कृषि एवं कृषि-खाद्य प्रणाली का रूपांतरण (Transforming Agri-Food Systems)
कृषि एवं संबद्ध गतिविधियाँ राजस्थान की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बनी हुई हैं और GSVA में लगभग 25.74% (2025–26 AE) योगदान देती हैं।
प्रमुख आँकड़े एवं मुख्य बिंदु
- खाद्यान्न उत्पादन (2025–26 AE): लगभग 283.98 लाख मीट्रिक टन
- खरीफ दलहन वृद्धि: लगभग 2.34%
- रबी दलहन वृद्धि: लगभग 22.34%
- पशुपालन का योगदान: कृषि उत्पादन का एक-तिहाई से अधिक
- राजस्थान सरसों, बाजरा, तिलहन एवं दुग्ध उत्पादन में अग्रणी
- प्राकृतिक खेती मिशन: ~ 2000 क्लस्टर, 2.5 लाख किसान, 1 लाख हेक्टेयर भूमि
- PMFBY फसल बीमा दावे: लगभग ₹6,206 करोड़ वितरित
- बीज वितरण: ~ 1.12 लाख क्विंटल एवं 31.5 लाख मिनी किट
- पशु बीमा: ~ 10.63 लाख पशु कवर
फोकस: जलवायु-अनुकूल खेती, कृषि ऋण, सिंचाई दक्षता एवं तकनीकी एकीकरण।
मुख्य योजनाएँ
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
- पीएम-किसान सम्मान निधि
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)
- राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन
- मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना
- पशुधन बीमा योजना
अध्याय 2 : स्वास्थ्य एवं कल्याण (Health and Well-Being)
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच, बीमा कवरेज और डिजिटल हेल्थ सिस्टम में निरंतर सुधार देखा गया है।
प्रमुख आँकड़े
- संस्थागत प्रसव: ~ 94.9%
- शिशु मृत्यु दर (IMR): ~ 29 प्रति 1000
- मातृ मृत्यु दर (MMR): ~ 86 प्रति लाख
- ABHA हेल्थ आईडी: ~ 6.5 करोड़
- स्वास्थ्य संस्थान:
- 267 अस्पताल
- 849 CHC
- 2875 PHC
फोकस: सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, मातृ-शिशु देखभाल।
मुख्य योजनाएँ
- आयुष्मान भारत योजना
- मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना
- निःशुल्क दवा एवं जांच योजना
- जननी सुरक्षा योजना
- पोषण अभियान
अध्याय 3 : शिक्षा एवं ज्ञान अर्थव्यवस्था (Education & Knowledge Economy)
शिक्षा क्षेत्र में NEP 2020 के तहत डिजिटल लर्निंग और कौशल विकास पर जोर।
प्रमुख आँकड़े
- निपुण भारत लाभार्थी: ~ 35 लाख विद्यार्थी
- PM SHRI स्कूल: 600+
- व्यावसायिक शिक्षा स्कूल: 4000+
- डिजिटल कक्षाओं एवं ई-कंटेंट का विस्तार
फोकस: आधारभूत साक्षरता, स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल शिक्षा।
मुख्य योजनाएँ
- निपुण भारत मिशन
- पीएम श्री स्कूल योजना
- समग्र शिक्षा अभियान
- स्किल इंडिया मिशन
- मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना
अध्याय 4 : सामाजिक सशक्तिकरण एवं समावेशन
समाज के कमजोर वर्गों के लिए पोषण, पेंशन एवं महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान।
प्रमुख आँकड़े
- NFSA लाभार्थी: ~ 4.38 करोड़
- ICDS पोषण लाभार्थी: ~ 30 लाख
- बालिका प्रोत्साहन लाभार्थी: ~ 3.27 लाख
फोकस: पोषण सुरक्षा, लैंगिक समानता एवं सामाजिक सुरक्षा।
मुख्य योजनाएँ
- लाडो प्रोत्साहन योजना
- एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS)
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA)
- उज्ज्वला योजना
- सामाजिक पेंशन योजनाएँ
अध्याय 5 : उद्योग, खनन एवं आर्थिक वृद्धि
उद्योग एवं MSME क्षेत्र रोजगार और निवेश के प्रमुख स्रोत बने।
प्रमुख आँकड़े
- प्रस्तावित निवेश: ~ ₹1.6 लाख करोड़
- निर्यात: ~ ₹97,000 करोड़
- MSME इकाइयाँ समर्थित: 300+
फोकस: विनिर्माण विस्तार, स्टार्टअप प्रोत्साहन, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस।
मुख्य योजनाएँ
- राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS)
- स्टार्टअप राजस्थान
- वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)
- MSME सब्सिडी योजनाएँ
अध्याय 6 : पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास
पर्यटन सेवा क्षेत्र और रोजगार में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
प्रमुख आँकड़े
- 80+ पर्यटन परियोजनाएँ स्वीकृत
- निवेश: ~ ₹276 करोड़
मुख्य योजनाएँ
- स्वदेश दर्शन योजना
- PRASAD योजना
- राजस्थान पर्यटन नीति
अध्याय 7 : आधारभूत संरचना (Core Infrastructure)
प्रमुख आँकड़े
- स्थापित विद्युत क्षमता: ~ 31,500+ मेगावाट
- नवीकरणीय ऊर्जा हिस्सा: ~ 45%
- सौर ऊर्जा: ~ 9,800 मेगावाट
- ग्राम सड़क संपर्क: ~ 91%
मुख्य योजनाएँ
- पीएम गति शक्ति
- भारतमाला परियोजना
- सौभाग्य योजना
- दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना
अध्याय 8 : जल सुरक्षा एवं लचीलापन
प्रमुख आँकड़े
- सिंचाई क्षमता विस्तार: ~ 23,000 हेक्टेयर
मुख्य योजनाएँ
- जल जीवन मिशन
- अटल भूजल योजना
- मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान
- पीएम कृषि सिंचाई योजना
अध्याय 9 : पर्यावरणीय स्थिरता एवं जलवायु लचीलापन
फोकस: हरित ऊर्जा, वन संरक्षण, जलवायु अनुकूलन।
मुख्य योजनाएँ
- राष्ट्रीय वनीकरण कार्यक्रम
- राज्य जलवायु कार्य योजना
- सौर ऊर्जा नीति
अध्याय 10 : ग्रामीण विकास
मुख्य योजनाएँ
- मनरेगा
- पीएम आवास योजना – ग्रामीण
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
- स्वच्छ भारत मिशन – ग्रामीण
अध्याय 11 : शहरी विकास
मुख्य योजनाएँ
- स्मार्ट सिटी मिशन
- AMRUT मिशन
- पीएम आवास योजना – शहरी
- स्वच्छ भारत मिशन – शहरी
अध्याय 12 : प्रभावी शासन एवं लोक सेवाएँ
मुख्य प्लेटफॉर्म / योजनाएँ
- ई-मित्र
- जन आधार
- DBT (Direct Benefit Transfer)
- डिजिटल राजस्थान
अध्याय 13 : राजकोषीय प्रबंधन एवं आर्थिक नीति
प्रमुख आँकड़े
- GSDP: ~ ₹18.75 लाख करोड़
- वृद्धि दर: ~ 10.24%
- प्रति व्यक्ति आय: ~ ₹2.02 लाख
- क्षेत्रीय योगदान:
- सेवाएँ 47%
- उद्योग 26%
- कृषि 25%
फोकस: संतुलित आर्थिक वृद्धि, मुद्रास्फीति नियंत्रण एवं वित्तीय समावेशन।
मुख्य योजनाएँ
- जन धन योजना
- मुद्रा लोन
- क्रेडिट गारंटी योजनाएँ
- डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन

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